
हो जाता है
जीवन के भवसागर में
तूफानों से घिरी
एकाकी कमजोर नाँव
पतवार या मांझी बिन
एकाकी कमजोर नाँव
पतवार या मांझी बिन
बुरी तरह हिलती
झकझोरे सहती
अब डूबी कि तब डूबी
अब डूबी कि तब डूबी
कहीं कोई साहिल भी
तो नज़र नहीं आता है
तो नज़र नहीं आता है
वैसे तो संसार है
तमाम दुनिया है
दुनिया के लोग भी है
तमाम दुनिया है
दुनिया के लोग भी है
भरा पूरा संसार है
और हर कोई अपना
ही नज़र आता है
ही नज़र आता है
पर कभी रात के
भयानक सन्नाटे में
भयानक सन्नाटे में
किसी भयानक सपने
या बीमारी से
या बीमारी से
अचानक जब दो चार
हो जाता है
हो जाता है
सच कहता हूँ
खोया जीवन साथी तब
खोया जीवन साथी तब
बहुत बहुत याद आता है
बहुत बुरा होता है जब
बहुत बुरा होता है जब
बुढ़ापे में जीवन साथी
बिछुड़ जाता है
बिछुड़ जाता है
ये भी सच है
कि जीवन में जब
साथ मिला तो
बिछड़ेंगे भी
कभी न कभी
कि जीवन में जब
साथ मिला तो
बिछड़ेंगे भी
कभी न कभी
बुरा उसे बहुत लगता है
जो इस भव सागर में
एकाकी रह जाता है
एकाकी रह जाता है
किससे कहे
दिल की बात
किससे बतियाये
आधी आधी रात
दिल की बात
किससे बतियाये
आधी आधी रात
कौन लगाये
पीठ पर साबुन
पीठ पर साबुन
नहाते वक्त
कौन खिलाये
गरमा गर्म रोटियाँ
गरमा गर्म रोटियाँ
खाने के वक्त
कौन साथ निभाए
दुःख में सुख में
दुःख में सुख में
हर जगह हर पल में
हर समय बस बिछुड़ा
जीवन साथी याद आता है
जीवन साथी याद आता है
बड़ा बुरा होता है
जब बुढ़ापे में
जीवनसाथी बिछुड़ जाता है
जब बुढ़ापे में
जीवनसाथी बिछुड़ जाता है
और सारे सारे संसार में
एक अजब उदासी और
अँधेरा छोड़ जाता है
एक अजब उदासी और
अँधेरा छोड़ जाता है
इसीलिए कहता हूँ दोस्तों
जीवनसाथी की कदर जानो
उसे अपना प्यारा
रंगीन सहारा मानो
रंगीन सहारा मानो
उस जैसा न कोई है
न हो सकता है
अधिकतर लोगों को
यह सच उसके
जाने के बाद ही
पता लगता है
न हो सकता है
अधिकतर लोगों को
यह सच उसके
जाने के बाद ही
पता लगता है
(समाप्त)
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