आइये हम समझ लें
अहिंसा और कायरता के बीच
एक महत्वपूर्ण और बड़ा अन्तर
ताकि फिर गल्ती की सम्भावना न रहे
कि अहिंसा केवल सबल की होती है
जो अपने प्रति की गयी हिंसा का
उससे बड़ी हिंसा से भरपूर जवाब दे सकता है
पर देता नहीं अपने पर संयम रखता है और
अपनी सबलता का प्रदर्शन करते हुए
हिंसा करने वाले को केवल एक बार
चेतावनी देता है पूरी संजीदगी और सबक के साथ
कि दुबारा गल्ती किया तो बहुत पछताओगे
धूल चाटोगे अपने जख्म सहलाओगे
अहिंसा और कायरता के बीच
एक महत्वपूर्ण और बड़ा अन्तर
ताकि फिर गल्ती की सम्भावना न रहे
कि अहिंसा केवल सबल की होती है
जो अपने प्रति की गयी हिंसा का
उससे बड़ी हिंसा से भरपूर जवाब दे सकता है
पर देता नहीं अपने पर संयम रखता है और
अपनी सबलता का प्रदर्शन करते हुए
हिंसा करने वाले को केवल एक बार
चेतावनी देता है पूरी संजीदगी और सबक के साथ
कि दुबारा गल्ती किया तो बहुत पछताओगे
धूल चाटोगे अपने जख्म सहलाओगे
कायरता कमजोर की होती है
अपने से बलशाली देख पसीने छूट जाते हैं
उसकी हिंसा का जवाब न दे सकने की मजबूरी
उसे चुप रहने को मजबूर करती है
दुम दबा कर चुपचाप निकल लो
ऐसा उसकी अक्ल कहती है
अपने से बलशाली देख पसीने छूट जाते हैं
उसकी हिंसा का जवाब न दे सकने की मजबूरी
उसे चुप रहने को मजबूर करती है
दुम दबा कर चुपचाप निकल लो
ऐसा उसकी अक्ल कहती है
और हम एक देश के रूप में क्या करते है
चीन 19 किलोमीटर अन्दर तक आया
अपना बेस बनाकर महीनों जमा रहा
यह् चीन की जमीन है यह बताया
हमारी ही सेना की पेट्रोलिंग पार्टी को
हमारी जमीन से वापस भगाया और हम
अपनी ही जमीन से अपने बंकर तोड़
टेंट हटा कर अपमानित होकर वापस लौट आये
अपना बेस बनाकर महीनों जमा रहा
यह् चीन की जमीन है यह बताया
हमारी ही सेना की पेट्रोलिंग पार्टी को
हमारी जमीन से वापस भगाया और हम
अपनी ही जमीन से अपने बंकर तोड़
टेंट हटा कर अपमानित होकर वापस लौट आये
एक तरफ हम अपनी पीठ ठोंककर कहतें हैं
कि भारतीय फ़ौज विश्व में सर्वश्रेष्ट है
हम हर मुकाबले को तैय्यार हैं
पर मुकाबले के समय अपनी
दुम दबाते हैं ! पता नहीं हम ऐसा क्यों करते हैं ?
फ़ौज को उचित कार्यवाही की इजाजत नहीं
हमारा नेतृत्व कमजोर और कायर है
शान्ति का ठेका शायद केवल हमने लिया है
कि भारतीय फ़ौज विश्व में सर्वश्रेष्ट है
हम हर मुकाबले को तैय्यार हैं
पर मुकाबले के समय अपनी
दुम दबाते हैं ! पता नहीं हम ऐसा क्यों करते हैं ?
फ़ौज को उचित कार्यवाही की इजाजत नहीं
हमारा नेतृत्व कमजोर और कायर है
शान्ति का ठेका शायद केवल हमने लिया है
वे आये हमारी सीमा में हमारे सैनिक मारे
उनके सिर तक काट ले गये
और हम राष्ट्र के गम को
और हम राष्ट्र के गम को
उसके भावनाओं को उसके गुस्से को
समझ न पाये जवाब न दे पाये
यह क्या है कमजोरी और कायरता या दोनों
हम उन्हें मार कर उनके सिर क्यों नहीं काटते
जो वे खाला जी का घर समझकर
समझ न पाये जवाब न दे पाये
यह क्या है कमजोरी और कायरता या दोनों
हम उन्हें मार कर उनके सिर क्यों नहीं काटते
जो वे खाला जी का घर समझकर
बेख़ौफ़ चले आते हैं
आखिर ऐसी क्या मजबूरी है
हमारी जनता , सेना और हमारा जमीर
जवाब चाहता है! क्या हमारे पास कोई जवाब है ?
क्या हम एक कायर राष्ट्र कहलाने को तैयार हैं ?
मेरा जवाब नहीं है…… आपका क्या जवाब है ?
जागो देश जागो, पूरे जोश से, दमखम से जागो
देश को कायरता पूर्ण बेशर्मी से बाहर निकलो
आखिर ऐसी क्या मजबूरी है
हमारी जनता , सेना और हमारा जमीर
जवाब चाहता है! क्या हमारे पास कोई जवाब है ?
क्या हम एक कायर राष्ट्र कहलाने को तैयार हैं ?
मेरा जवाब नहीं है…… आपका क्या जवाब है ?
जागो देश जागो, पूरे जोश से, दमखम से जागो
देश को कायरता पूर्ण बेशर्मी से बाहर निकलो
कायरता और अहिंसा का महत्वपूर्ण फर्क
समझो और जानो, कुर्सी की अस्मिता पहिचानो !
आत्म सम्मान से जीना जरूरी है
ये तो जानो ! इतना तो जानो
पर दुर्भाग्य से किसी को गल्ती समझ नहीं आ रही
गिनती और आंकड़े से
यह बताने मे तल्लीन हैं कि सरकार से
ज्यादा घटनाएँ पिछले सरकार के समय हुयी
यानि की अपनी कायरता को उचित ठहरा रहे है
ऐसे में परमपिता से प्रार्थना हैसमझो और जानो, कुर्सी की अस्मिता पहिचानो !
आत्म सम्मान से जीना जरूरी है
ये तो जानो ! इतना तो जानो
पर दुर्भाग्य से किसी को गल्ती समझ नहीं आ रही
गिनती और आंकड़े से
यह बताने मे तल्लीन हैं कि सरकार से
ज्यादा घटनाएँ पिछले सरकार के समय हुयी
यानि की अपनी कायरता को उचित ठहरा रहे है
कि इस महान देश को
विपदा से बचाये और
इसके नेतत्व को सदबुधि दे
विपदा से बचाये और
इसके नेतत्व को सदबुधि दे
आमीन आमीन आमीन
आइये सब मिल कर प्रार्थना करें
(समाप्त)
विशेष नोट : प्रस्तुत कविता ३ साल पाहिले लिखी गयी
थी तब से परिस्थितियों में काफी सुधार हुवा है
थी तब से परिस्थितियों में काफी सुधार हुवा है
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