हम नहीं बोलेंगे क्योकि
हमें ऐसे बोलना नहीं आता
हम तो दूसरे का पाहिले से
लिखा हुवा भाषण ही पढतें हैं
हमें कुछ भी नहीं आता
पर चूँकि हम पावर में हैं
लोग हमारे खिलाफ बोलते ही हैं
हमारी आलोचना भी करते हैं
पर हमने भी पढ़े लिखे
तेज तर्रार प्रवक्ता
पाल रखें हैं
जो तुर्की ब तुर्की उत्तर दे
आलोचकों को चुप करा देते हैं
नहीं माने तो और भी
तरीके हैं हमारे पास
फ़साने और जेल पहुचाने तक
मारने से लटकाने तक
आखिर पीढ़ियों से
शासक हैं हम
खानदानी खिदमतगारों की
फ़ौज है हमारे पास
जो हमारे राज में
मलाई काट रही है
और चैन से
राजसी मजे ले रही है
उनके चलते हमें फ़िक्र क्या ?
फ़िक्र तो विरोधी करें
जो आपस में ही
लड़ते हैं और सर फुटौवल करते हैं
सभी को प्रधान मंत्री बनने की
इच्छा की बड़ी बीमारी है
एक दूसरे से आगे जाने की होड़ में
वे सब पीछे रह कर
हमारा ही तो रास्ता साफ़ करते है
हमने हर तरह और
हर रंग के चेले पाले हैं
जो दिन रात हमारे हितों की
रक्षा करते हैं
हम भी मौज करते हैं
वे भी मौज करते हैं
अतः ग़लतफ़हमी में मत रहो
हमें कुछ आता हो या नहीं
राज करना और गुलामों से
काम कराना और उन्हें
मैनेज करना आता है
हमारा कोई विकल्प भी तो
नहीं है तुम्हारे पास
हमें धन्यवाद दो
कि हमने देश को
एक इकाई में रखा है
एकता में बांध कर रखा है
विरोधियों के बस की यह बात नहीं
उनका बस चले तो
केवल हर प्रदेश में ही नहीं
हर शहर में प्रधान मंत्री
और हर मोहल्ले में
मुख्यमंत्री बना दें
और अपने हर छोटे बड़े
नए पुराने नेता को
कुछ न कुछ जरूर बना दें
पर जाग्रत जनता सब जानती है
उनकी औकात देख और समझ
उन्हें सत्ता से दूर ही रखती है
अब हम नहीं बोलेंगे क्योकि
जनता समझदार है सब जानती है
और काबिल नाकाबिल का फर्क
बखूबी जानती है
(समाप्त )
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