जब तुम कहती हो कि
तुम एक परसेंट भी मुझे
प्यार नहीं नहीं करतीं
मुझे एकदम यकीं
नहीं होता
क्योंकि तुम्हारी
आँखों की चमक
मंद मंद मुस्कान और
शरारती चितवन कुछ
और ही बयाँ करतीं हैं
मैं जानता हूँ कि मुझे
चिढ़ाने और सताने में
तुम्हे विशेष प्रसन्नता
मिलती है जो तुम्हारी
बॉडी लैंग्वेज
छिपा नहीं पाती
पर तुम हो कि
ऐसे खेल खेलने से
बाज़ नहीं आतीं
आखिर मुझे
यूँ सताने से
तुम कौन सी ख़ुशी
बटोर लेती हो
पके बचपन और
जवानी की संधि जिसे
किशोरावस्था भी कहते है
जब सपने कोमल और
प्यारे रहतें हैं
तुमने अचानक मेरे दिल पर
दस्तक दी और
उसे खाली देख
डेरा जमाकर बैठ गयीं
वो मेरा दिल जो
तुम्हारा घर हुआ करता है
आज तुम्हारे इस एलान से
बेतरह घायल है और
बहुत जल्द तुम्हे
एहसास हो जायेगा कि
तुमने क्या गलती की है
ऐसा मज़ाक कर
जब तुम खो दोगी
तुम्हारा ये अनन्य प्रेमी
जो इस झटके को
न झेल पायेगा
और बेचारा
मर ही जायेगा
अतः समझाता हूँ
अभी भी समय है
अपनी गलती सुधार लो
प्यार का प्रतिशत बढ़ा कर
शत प्रतिशत कर लो
अपनी गलती और
मजाक से तौबा कर लो
फिर से गले से लग जाओ
तुम मेरी सिर्फ
मेरी बन जाओ
मैं तुम्हे न सिर्फ
माफ़ कर दूंगा
सीने से लगाकर
चूम भी लूँगा
(समाप्त)तुम एक परसेंट भी मुझे
प्यार नहीं नहीं करतीं
मुझे एकदम यकीं
नहीं होता
क्योंकि तुम्हारी
आँखों की चमक
मंद मंद मुस्कान और
शरारती चितवन कुछ
और ही बयाँ करतीं हैं
मैं जानता हूँ कि मुझे
चिढ़ाने और सताने में
तुम्हे विशेष प्रसन्नता
मिलती है जो तुम्हारी
बॉडी लैंग्वेज
छिपा नहीं पाती
पर तुम हो कि
ऐसे खेल खेलने से
बाज़ नहीं आतीं
आखिर मुझे
यूँ सताने से
तुम कौन सी ख़ुशी
बटोर लेती हो
पके बचपन और
जवानी की संधि जिसे
किशोरावस्था भी कहते है
जब सपने कोमल और
प्यारे रहतें हैं
तुमने अचानक मेरे दिल पर
दस्तक दी और
उसे खाली देख
डेरा जमाकर बैठ गयीं
वो मेरा दिल जो
तुम्हारा घर हुआ करता है
आज तुम्हारे इस एलान से
बेतरह घायल है और
बहुत जल्द तुम्हे
एहसास हो जायेगा कि
तुमने क्या गलती की है
ऐसा मज़ाक कर
जब तुम खो दोगी
तुम्हारा ये अनन्य प्रेमी
जो इस झटके को
न झेल पायेगा
और बेचारा
मर ही जायेगा
अतः समझाता हूँ
अभी भी समय है
अपनी गलती सुधार लो
प्यार का प्रतिशत बढ़ा कर
शत प्रतिशत कर लो
अपनी गलती और
मजाक से तौबा कर लो
फिर से गले से लग जाओ
तुम मेरी सिर्फ
मेरी बन जाओ
मैं तुम्हे न सिर्फ
माफ़ कर दूंगा
सीने से लगाकर
चूम भी लूँगा
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