कभी ध्यान से सुनो ....
रामायण के छंद .....
गीता के बोल ....
अज़ान की आवाजें
या बाइबिल की प्रीचिंग ....
तुम्हें मिलेगी सब में ...
इंसानियत की शिक्षा ...
अच्छे काम करने की हिदायत ...
बुराइयों से दूर रहने की जरूरत ...
तमाम मानव मात्र ..
प्राणियों पर दया ...
जीवन को ठीक से .....
जीवन को ठीक से .....
प्रेम से जीने
के उपाय .. .नुस्खे
इनमें से कोई नहीं सिखाता .....
लोगों पर जुल्म करो ....
उन्हें लूटो . .पाटो ...
इनमें से कोई नहीं सिखाता .....
लोगों पर जुल्म करो ....
उन्हें लूटो . .पाटो ...
जान से मार दो ...
उनकी औरतों को
उनकी औरतों को
बेईज्ज़त करो ...
उनके घर जला दो ...
भोंक दो छुरा किसी
उनके घर जला दो ...
भोंक दो छुरा किसी
अन्जान ... मासूम जान को ....
जब हमें
यह नहीं सिखातें हैं
जब हमें
यह नहीं सिखातें हैं
हमारे धर्म ग्रंथ ...
तो फिर ...
उनके नाम पर
तो फिर ...
उनके नाम पर
हम जो
उपरोक्त सब करतें हैं ...
क्या वे धर्म संगत हैं
न्याय संगत हैं ...
उपरोक्त सब करतें हैं ...
क्या वे धर्म संगत हैं
न्याय संगत हैं ...
वास्तव में हमें
करतें हैं गुमराह ...
राजनीतिज्ञ .गुंडे ...
विदेशी .एजेंट ....
विक्रति मनोवृति के लोग ..
अब ये हमारा
फ़र्ज़ है कि हम ...
न हों गुमराह .
इन सब से
न हो दिशाभ्रम ,,
न हों भ्रमित ..
"फेल" कर दें
इनके इरादे ...
करें मनुष्यता से प्यार ....
और पहुँचा दें
अवांछित व्यक्तियों को ..
उनके सही ठिकाने पर ....
जहाँ के वे काबिल हैं ...
पर हमारी उदासीनता ...
हमारा आलस ...
ले डूबता है सारा प्रयास ...
गुण्डे करते हैं राज ...
राजनीतिज्ञ पालते हैं गुण्डे ...
जनता बहकती है ..
बहकाई जाती है ..
दंगे होते हैं ....
घर जलते हैं ...
छुरे भोंके जाते हैं ...
मरते हैं अनजान मासूम
मज़े की बात है
ये सब ...
धर्म के नाम पर होता है ...
अब यह बात अलग है कि ...
कौन सा धर्म कहता है ...
यह सब करो
यह सब करो
.
कभी ध्यान से सुनो ..
रामायण के छंद ..
गीता के बोल ...
अज़ान की आवाजें ..
.कुरान की आयतें ..
बाइबिल की प्रीचिंग ...
अस लि य त
सामने आ जायेगी ..
अ स लि य त
सामने आ जायेगी
(समाप्त)
मजहब नहीं सिखाता आपस मे बैर रखना
ReplyDeleteहिन्दी है हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा