किसी लड़की का दिल
मुर्गियों का दडबा नहीं होता
कि एक मुर्गी रखो ... कुछ दिन
उसे मार डालो ...
दूसरी रखो .. जब तक चाहो
फिर उसे भी मार डालो ...
खेलो उसके साथ ...
लड़की का दिल ....
तो मंदिर होता है पावन पवित्र….
सीधा . .... सच्चा ....
जिसे अपना . ..माना ..
बसाया मंदिर में ......
देवता बनाया .......
अपना ....अपनी आत्मा का ....
सर्वस्व का ....
वोह कभी नहीं निकलता
देवता कभी नहीं बदलता .....
लड़की का दिल ..
बड़ा कोमल सहृदय होता
कोमल कल्पना में रहता ..
पलता .. .रहता ....
कभी माँ का . .कभी पत्नी का ..
कभी बहिन का
और कभी प्रेयसी का ......
लड़की का दिल ही तो…
दया से .प्यार से
सराबोर रहता ....
केवल देना जानता ...
पाने की चाह नहीं करता .....
लड़की का दिल…
एक आदर्श है जीवित
आज भी ....
उन तमाम दिलों के लिए ...
जो करते हैं लूट ...खसोट ...
कतल . .डकैती .. और
ना जाने क्या .. .क्या ..
काश .......... .हर दिल ....
लड़की का दिल होता ..
तो आज यह विश्व ........
स्वर्ग होता ...
केवल स्वर्ग होता ...
निखालिस स्वर्ग होता
निखालिस स्वर्ग होता
(समाप्त)
नारी तू अब तक अबला थी
ReplyDeleteपर तुझको सबला होना होगा
लज्जा थी अब तक नयनो मे
दृग अंगार आज उगलना होगा
नारी को अब नहीं सहना है अब
इस तरह समाज बदलना होगा