नमस्कार मित्रों
हमारे देश में कलाओं और कलाकारों की भरमार है और इनमे विश्व प्रसिद्ध अनेक कलाएं हैं जिनकी विदेशों में बहुत माँग है...पर इसका फायदा चंद चालाक लोग लेते हैं ..वे इनकी मेहनत और कला पर ऐश करते हैं और ये कलाकार उचित प्रोत्साहन और संरक्षण के अभाव में बदहाल है..और पुश्तैनी काम छोड़ छोटी मोटी नौकरी की तरफ भाग रहे हैं
यह एक गंभीर चिंता की बात है..इसी पर आज चंद हायकू..
कला -कलाकार
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1)क्यूँ रहते
भूँखे ये कलाकार
कला कमाल
2)चालाक लोग
लूट इनकी कला
भरते तिजोरी
3)हमारा देश
विशाल कलानिधि
कला बेहाल
4)बात दुःख की
हम सब तठस्थ
समझे कौन
5)कोई मसीहा
आये संभाले सब
हम दर्शक
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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