नमस्कार मित्रों..
आज चंद हायकू चुनावी राजनीति पर..
चुनावी -राजनीति
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1) राजनीति है
चुनावी अखाड़े सा
लड़ो पटको
2) न्याय अन्याय
बेकार का बवाल
साधो चुनाव
3) वादों की खेती
दावों की नुमाइश
भोली जनता
3) काठ की हाँडी
बार बार चढ़ती
धोखे पे धोखा
4) उसने लूटा
अब हमारी बारी
चुनाव वादे
5) इरादे नेक
दस पीढ़ी का मज़ा
लूटो जी भर
6) देश अमीर
जनता है गरीब
लुटती प्रजा
7) ज़ोर लूट पे
नज़र है गद्दी पे
ऐसे नायक
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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