Saturday, 8 April 2017

हाइकु श्रृंखला 37..नदी/सरिता और झरना/निर्झर


आज 02-04-2017 हाइकु मञ्जूषा 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/ निर्झर पर आधरित चंद हाइकु..प्रस्तुत हैं..

1) बहती   नदी
         कल कल है नाद
              जीवन   रेखा

2)सरिता      तट
        उत्सव  का माहौल
           होती है   पूजा

3)झरना     झरे
      जीवन  गीत  गाये
         खुशी से    भरा

4)निर्झर      देता
      सुखों    की भेंट हमें
        जीवन दायीं

5)पहाड़ी      नदी
       छिछली पर तेज
         है     आकर्षक

6)नहाना     मत
     पहाड़ी   झरने में
        गिरते  पत्थर

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 03-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)  नदी     बहती
         कुछ  न वो कहती
             भला     करती

2) नदी         किनारे
        कलरव  करते
            पक्षी के झुण्ड

3)धोते      कपड़े
       नहाते सब लोग
         नदी होती  माँ

4)प्रचंड      वेग
        निर्झर  है  झरता
           शोर     करता

5)विशालकाय
      नैनाभिराम  है
           यह       झरना

   6)झरना        देता
      खुशहाली का मन्त्र
         अबाध  कर्म

(क्रमशः)

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आज 04-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)सरिता   गंदी
      मानव  अपराधी
          स्वार्थी  जीव

2)पीने    का पानी
        हर  नदी  दूषित
            अपना  नाश

3)निर्झर       झरें
      सबका    भला करें
         प्रदूषित हैं

4)देन            प्रकृति
      यह नदी - निर्झर
         वरदान  हैं

5)स्व   स्वार्थ  हैं
      सर्वोपरि  जो होते
         लोग    मरते...

(क्रमशः)
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आज 05-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये  चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना /निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1) निर्झर     झरें
       अनवरत  काम
            जन    कल्याण

2)सदा     उत्साही
      बिना  थके या रुके
        झरें   झरना

3)नदी की धारा
       आशा और  विश्वास
           खुशियाँ  साथ

4)सरिता    बहे
     सींचे    खेत हमारे.
            जीवनी शक्ति

5)नदिया  सूखी
      सूखी जीवन  आशा
           हे  परमात्मा

(क्रमशः)
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आज 06-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) मन       सरिता
        बहते  रहते  हैं
         भाव  विकल

2)नदी        बहती
      जल हो कल  कल
            है   अविरल

3) गहरी    नदी
       होती   मन  की सोंच
        दबी    चाहतें

4)सज्जन  लोग
       होते    जैसे निर्झर
     लुटाते   ख़ुशी

5)झरना        देता
      लुभावना सा दृश्य
           मन    मोहना

6) नदी         जीवन
      आदि से  अंत तक
         पालती  हमें

(क्रमशः)
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आज 07-04-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु
प्रस्तुत हैं..

1)केवल     देता
      न कुछ  वोह लेता
        दानी   निर्झर

2)स्वछन्द      वो
       झर झर  झरता
         शोर     करता

3)नदी    किनारे
     घाट   पर नहाते
    करते   पूजा

4)सरिता     होती
      जीवन   की  रेखा  सी
      बुझाती  प्यास

5)नदी      हो  साफ़
      पर्यावरण  साफ़
          जीवन  बढ़े

6)झरना        प्यारा
      जीवन है  हमारा
            देता   पोषण

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 08-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/निर्झर..पर आधारित 6 हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)खिले       पलाश
     है  स्वच्छ    नदी  पास
     प्रसन्न    मन

2)नीला       आकाश
     सफेद     झरे  झाग
        झरना  प्यारा

3) कठिन     वन
        निर्झर   है    गिरता
            हैं    वन्य    पशु

4)मोहती   मन
     बहती   धीर   भाव
     हमारी   गंगा

5)अपराधी   वो
       दूषित   करें जल
       अमृत   सम

6)अरे        ओ  मूर्खों
       जल   को  जल रखो
          गंदा  न   करो

(समाप्त)

अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव

Saturday, 1 April 2017

हाइकु श्रृंखला 36 कूप/कुँवा और ताल/तालाब..पर

नमस्कार मित्रों...

आज  26-03-2017 हाइकु मञ्जूषा के अंक 36 के लिये चयनित विषयों..कूप/कुँवा और ताल/तालाब पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)कूप     मंडूप
       वोह  हैं   कहलाते
        सीमित      ज्ञान

2)प्यास    बुझाता
     ठंडा  पानी भी देता
         हमारा    कुँवा

3)प्यासा ही  जाता
      कुँवा चल न आता
           बुझाने   प्यास

4) ताल     तलैय्या
       होते  हैं   उपयोगी
         निवासी     गाँव

5)ताल     हमारे
      पालनकर्ता  होते
        जीव  औ  पौधे

6)नहाना  धोना
    पीना सिंचाई  सब
        तालाब से  ही

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 27-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 36 के लिये चयनित विषयों कूप/कुँवा और ताल/तालाब पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)हाल       बेहाल
     गाँव      अकेला ताल
       दुखी    ग्रामीण

2)प्रचंड      गर्मी
      सूखता  चला  जाता
          गाँव   का   ताल

3)पशु         मवेशी
     मनुष्य     हैं    निर्भर
       तालाब  एक

4)घटता     पानी
        लंबी  पड़ती रस्सी
          कुएँ  पे      भीड़

5)त्राहि        त्राहि    है
      चहुँओर  पानी की
        सूखते   कुएँ

6) बाँध        बनाते
        पानी   संरक्षण  से
          जान  बचाते

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 29-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 36 के लिये चयनित विषयों.."कुँवा/कूप और तालाब/ताल" पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)सूखते   कुँये
     बर्तनों  की कतार
      थकते        हाँथ

2)मीलों  वे  जातीं
     ताल से  पानी लातीं
       जीवट  वाली

3)पानी    क़िल्लत
      कुँये   पर    झगड़े
       प्यासे हैं      लोग

4)भीषण   गर्मी
     सूखते  जाते  ताल
         चिंतित     लोग

5)आकाश   ताकें
      कुँये      हमारे  भरें
         आस  प्रभु     से

6)निराश    लोग
       सबसे  हाँथ  जोड़ें
           करें       गुहार

7)टोना      करते
       पूजा  पाठ   करते
        पानी  की    आस

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज30-03-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 36 के लिये चयनित विषयों "कुँवा/कूप और ताल/तालाब पर आज चंद हाइकु
प्रस्तुत हैं..

1)कुँवा    गहरा
     पानी  की मौजूदगी
      आशा दिलाती

2)ताल     तलैया
     सूखते  ही  हैँ जाते
       गर्मी  भयंकर

( क्रमश)

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नमस्कार मित्रों..

आज 31-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक
36 के लिये चयनित विषयों कूप/कुँवा और ताल/तालाब पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1)कुँवा      पूजन
      बारात  का प्रस्थान
         रस्म  पुरानी

2)ढेंकी      चलाते
       खेतों   को सींचते
          ताल का पानी

(ढेंकी या ढेकुली एक जुगाड़ जिससे पानी ताल से उलचकर खेतों में डालते हैं)

3) तालाब  स्नान
      मित्र    बान्धव साथ
       आनंद  पर्व

4)मीठा है  पानी
      हमारे   ही  कुँये का
        लेते   पडोसी

5)ताल          हमारा
      मछलियों  से भरा
         शिकार  होता

6)कूप        गहरा
      मेहनत  लगती
         पानी  है मीठा

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 01-04-2017 हाइकु मंजूषा अंक 36 के लिये चयनित विषयों..कूप/कुँवा और ताल/तालाब पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)गहरे       कुँवे
     नलकूप प्रयोग
       उचित होता

2)  बढ़ती  गर्मी
     पानी   लेना  मुश्किल
      गहरे   कुएँ

3)ताल  तलैय्या
   गर्मी  सूखे की मार
     सब हैरान

4)  माँगते  दया
      भरो    ताल  पोखर
         है    परमात्मा

5)तालाब          सूखा
     सूख  गयीं    फसलें
         व्याह  बेटी का

6)खेती      करना
      जीवित भी रहना
         सब ताल  पे

(समाप्त)

अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव

हाइकु श्रृंखला..35..शिला ..पाहन..पत्थर..पाषाण पर..

नमस्कार मित्रों...

आज 21-03-1017 हाइकु मञ्जूषा अंक35 के लिये चयनित विषयों..शिला.. पाहन...पाषाण और....पत्थर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत है..

1)शिला    खंड
   बनाते    सुन्दर  दृश्य
   नदी       के    मध्य
.
2)धारा      बँटती
    कल      कल बहती
     सुनाती  गीत

3) शिलालेखों पे
     अमर     इतिहास.
      रहे    सर्वदा

4)पत्थर  दिल
    शीशा  ज़ाम लड़े
     मिले   न    चैन

5)  बुझते    दिये
      नाचती  है  रक्कासा
       प्यास   होठों    की

6)नहीं          बुझती
      जलाती  है दिल को
            प्यार की प्यास

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 22-03-2017हाइकु मञ्जूषा अंक35 के चयनित विषयों..शिला..पत्थर.. पाहन और पाषाण    पर आधारित चंद हाइकु..

1)शिलान्यास  तो
       बिल्डिंग  का प्रारंभ
            शुभ   मानते

2)शिला लेख तो
       बताते      इतिहास
          था  जो  ओझल

3)पहाड़      घर
      करते ये सफर
        नदी के साथ
           (पत्थर)

4)पाषाण    युग
      पत्थर   के  औज़ार
        आग  जलाते

5)पत्थर       दिल
      कम  वो  पिघलते
       देख  के  आँसू

6)चट्टान    बना
     दृढ      इरादे  साथ
        मोर्चा न  छोड़ा

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 23-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित..विषयों..शिला..पाहन.. पाषाण और पत्थर पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) फैलीं          शिलाएँ
       कल कल  नादिया
            मस्त    हवाएँ

2)पत्थर      होते
       पहाड़   टूट  आते
           बेघर हैं    वो

3)श्रीराम  लिखे
       तैरते  वो  पाहन
           सेतुबंधन

4)उठा   पर्वत
       पधारे   हनुमान
          संजीवनी  ले

5)पत्थर  मार
      खेलते  सब जन
           मनाते    पर्व

6)शिला   पे बैठ
     नदी में है  नहाती
            राजकुमारी

7)पाषाण    युग
      बर्तन     हथियार
        पत्थर  से ही

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 24-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित विषयों..शिला..पाषाण..पाहन और पत्थर विषयों पर चंद हाइकु...

1)युगों   से     पड़ी
      वोह शिला बनी  स्त्री
         पावन    स्पर्श

2) दिखा    विरोध
      पत्थर  वो   फेंकते
        निन्दाजनक

3)पत्थर     होता
     प्रमुख    आधार ही
       पाषाण युग

4)मंदिरों   में    है
      संगमरमर  की
          प्यारी    मूर्तियाँ

5)सुंदरी      बनी
       पाषाण हृदया जो
           सुनी न    गयी    (बात)

6) मूर्ती       पाषाण
      दिखे  जो  भगवान
         बात  आस्था की

7) मानो     न     मानो
      कभी   पत्थर दिल
          बहाते  आँसू

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 25-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित विषयों..शिला..पाहन..पत्थर और पाषाण    पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) शिलाएँ   पड़ी
      नदी के  आगोश में
             मौन  ये  प्रीत

2)पत्थर    पूजें
      भगवान बनाते
         हाथ  मनुष्य

3) बनता   सेतु
        तैरती  हैं शिलाएँ
          राम  का  नाम

4)कुशल      हाँथ
       बना     ताजमहल
           नक्काशीदार

5)फ़तेहपुर 
    सीकरी   खंडहर
      याद      झरोखे

6)लालकिला  तो
      बना लाल पत्थर
         शान   आगरा
(समाप्त)

अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव

Sunday, 19 March 2017

हाइकु श्रृंखला 34.."शब्द "और" शून्य" विषयों पर

नमस्कार मित्रों..

आज 14-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 34 के लिये चयनित विषयों शब्द और शून्य  पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)शब्द    तो  होते
       औजार  धारदार
          करते  वार

2)शब्द     नरम
      दिल   को सहलाते
          भरते      जख्म

3)मरहम   हैं
      शब्द   सांत्वना के
         बोली  के जख्म

4)शून्य तो नहीं
        शून्य ही केवल ये
            भरते    स्थान

5)भारत     बोला
         शून्य को समझाया
              ज्ञान  विश्व को

(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..

आज 15-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक34 के लिये चयनित विषयों..शून्य और शब्द ..पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)विशाल शून्य
       होता हमारा मन
          उठते  ख्याल

2)शून्य     प्रकाश
        शून्य ही हैआकाश
             यही है  आस्था

3)मानों न  मानों
     रहस्यों से भरा विश्व
           शून्य में  खोजो

4)आडम्बर  हैं
       शब्द सब खोखले
            बजाते    मुँह

5)शब्दों के तीर
       वार    करें गंभीर
          रहें   सतर्क

6)तीर   घायल
       फिर भी बच जाता
            न    अपशब्द

7)नाज़ुक   दिल
        इंकार के अल्फ़ाज़
             टूट  ही जाता
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...

आज 17-03-2017 हाइकु मञ्जूषा के अंक 34 के लिये चयनित विषयों "शब्द" और "शून्य" पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) शून्य    विशेष
        जोड़ घटाव  गुणा
           भाग भी शून्य

2)दाएँ ओर जो
       शून्य बढ़ाया  जाये
           हो   दस    गुना

3)निरर्थक   है
      पूर्णाक  के बायें जो
          लगाया  शून्य

4)दशमलव के
        बाद  शून्य घटाता
        दस    गुना  ही

5)अर्थहीन   हैं
       वोह    सारे ही शब्द
         भाव  के   बिना

6)शब्दों       का खेल
       बनाता   मन्त्र  उसे
        विशेष   क्रम

7)मान    दिलाते
       अपमान   दिलाते
         संभालो  शब्द

8)मृदुभाषी    हों
       कोमल   हों जो शब्द
           मिले  सम्मान

(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..

आज 18-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 34 के लिये चयनित विषयों "शून्य" और "शब्द "पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1) शब्द  है  नाद
       शब्द   निनाद  भी
          होते सौम्य   भी

2)  शब्द   के    अर्थ
        मत  बने अनर्थ
           ध्यान   रहे जी

3)बने       संवाद
      बनते  वो  विवाद
         शक्ति    शब्द की

4)शब्द      शस्त्र   भी
       शब्द  शास्त्र  भी
          हो  चतुराई

5)महाशून्य     है
       महाकार भी वोह
           परमेश्वर

6) शून्य  न  कम
       उसमें  बड़ा   दम
         ज़ीरो   से   हीरो

7)शब्दों का खेल
       कोई    पास या फेल
          हो    सावधानी

8)आकाश    देखो
      शून्य     कभी निहारो
        रहस्य  भरा

(समाप्त)

अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव

Tuesday, 14 March 2017

हाइकु श्रखला 33..रंग गुलाल होली फ़ाग फगुवा आदि

नमस्कार मित्रों

आज 06-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 33 के चयनित विषयों..होली..रंग...गुलाल..फ़ाग...फागुन पर..चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) होली के रंग
        प्यार भरे ये रंग
            देते हैं ख़ुशी

2)गाते वे फ़ाग
       रंग वे हैं मलते
           ख़ुशी मानते

3)होली खेलत
     कान्हा गोपियों सँग
             आयी  उमँग

4)फागुन    आया
      मस्ती मूड है लाया
         खेलो जी होली

5)होलिका जली
      भक्त प्रह्लाद बचे
           होली त्यौहार

(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों

आज 09-03-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 33 के लिये चयनित विषयों.."फ़ाग..फागुन..होली..रंग..ग़ुलाल आदि पर "..चंद हाइकु प्रस्तुत हैं

1)रंग      ग़ुलाल
       गोरी के गाल लाल
           फागुनी    हवा

2) चौपाल  ग्राम
       फगुवा  गाते लोग
          घुटती      भाँग

3) असली       रँग
         प्यार  के चढ़े   रंग
             जली  होलिका

4)  प्यार का पर्व
          मनाओ करो गर्व
              रंगीन   होली

5) ब्रिज  की होली
          लट्ठमारों की टोली
                प्रसिद्ध   होती

(क्रमशः)

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Friday, 3 March 2017

हाइकु श्रृंखला 32..नीड़.. तिनका..घोंसला आदि

[2/27, 12:57] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों..

आज 27 -02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 32 के लिए चयनित विषयों..तिनका ..नीड़ और घोंसला ..पर चंद हाइकु प्रस्तुत  हैं...

1) तिनके  लाते
       नीड़  जल्द बनाते
            सुरक्षा    अंडे

2)ऊँची  डाल पे
      झुरमुट  के बीच
          बनाते   नीड़

3)मेहनत      औ
       साहस   भरपूर
           बनें घोसला

4)नन्ही सी जान
      गज़ब का जीवट
          पक्षी हैं   सारे

5) ऊँची   उड़ान
      कठिन  है जीवन
           नीड़ में जीते

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 01-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 32 के लिये चयनित विषयों..नीड़.. तिनका..घोंसला..आदि पर चंद हाइकु..प्रस्तुत हैं..

1)नीड़      बनाया
        तिनके  तिनके से
            आँधी  से गिरा

2)प्यारा   घोंसला
       कड़ी मेहनत  की
           सुखी     बच्चे

3)खुश     चिड़िया
       डाल पे बैठ  गाती
          नीड़     के पास

4)बन्दर      भीगा
      खीझ घोंसला तोड़ा
           चिड़िया    दुखी

5)डूबते   को  तो
      तिनके  का सहारा
          कहते      लोग

6)तिनके     जोड़
      नीड़   बनाती बया
           बनना  है   माँ

(क्रमशः)

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Sunday, 19 February 2017

हाइकु श्रखला अंक 31..छूना ..छुवन..स्पर्श और संस्पर्श पर

नमस्कार मित्रों...

आज 19-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक31 के चयनित विषय "स्पर्श..छुवन..छूना.."पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1)मधुर       स्पर्श
      माँ के कोमल हाँथ
             नींद  खोलता

2) चरण   स्पर्श
      प्रातःकाल माँ  बाप
          मिले     आशीष

3)कैसी   छुवन
      पागल  है बनाती
          युवावस्था  में

4)  छूना संभाल
        पुष्प सब है  सोते
          रात   की  बेला

5)स्पर्श  का सुख
      अति महत्व का है
            अति   सुखद

6)गंदी  छुवन
       पता लग है जाता
           बुरे        इरादे

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों....

आज20-02-2017हाइकु मञ्जूषा भाग 31 के चयनितविषयों..स्पर्श..संस्पर्श..छूना.. छुवन आदि पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)  तुम्हारा छूना
        विद्दयुत सा लगा
             झटका बड़ा

2)स्पर्श  का सुख
       बहुत बड़ा होता
            छूती जब माँ

3)  छुवन    लगे
       प्यारी  मनभावन
            सँग हो पिया

4)चरणस्पर्श
      करो माँ बाप का
          स्वर्ग  सभी हैं

5)सिर पे  स्पर्श
     स्नेहिल हाँथ पिता
          धन्य   हैं   हम 

6)स्पर्श का सुख
      जानते  भुक्तभोगी
          दोनों   ही  पक्ष

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 21-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 31 के लिये चयनित विषयों..स्पर्श..संस्पर्श..छुवन ..छूना आदि पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1)वोह        छुवन
     सिहराती आज भी
          थी   विलक्षण

2)स्पर्श     सुख
     होता अलौकिक जो
         भोगो   तो जानों

3)धीरे   से छुवा
       मेरा  घूँघट तूने
            मर गयी मैं

4)कुवारा    प्यार
     जानता   न छुवन
         शर्मा वो जाता

5)बढ़ी     उम्मीदें
     प्यार की वो छुवन
         सोने     न देतीं

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 22-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 31 के लिये चयनित विषय.."छूना.. छुवन..स्पर्श..संस्पर्श आदि पर" चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)छुवन   तेरी
       मन को बहकाती
          समझो   पिया

2) पाकर  स्पर्श
      भँवरा मुस्कुराया
        फूल    शर्माया

3) अनोखा  स्पर्श
      बीती मिलन रात
           बसी   सुगंध

4) भूल   न     पाऊँ
       अनूठा  अनुभव
          प्यारी   छुवन

5) स्पर्श     सुख  है
      चरम  सुख  भाई
        भोगे सो   जाने

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों...

आज 23-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 31 के लिये चयनित विषयों..छुवन..छूना.. स्पर्श और संस्पर्श पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)पवन   स्पर्श
        झूमती हैं  कलियाँ
             भँवरे   खुश

2)नौका     चलती
       पानी  मस्त  हिलोरें
           छूती  हैं   मन

3) गीत    तुम्हारे
        छूते   अंतरतम
           मेरे    साजन

4)प्रातः         किरण
     उत्फुल्लित है मन
           प्यारा   स्पर्श

5)स्पर्श   का  सुख
      प्यारी  चाँदनी   देती
           पूनो    की  रात

6)  चरणस्पर्श
      मातु पिता का देता
             स्वर्ग  सा सुख

(क्रमशः)

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नमस्कार मित्रों..

आज 24-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 31 के लिये चयनित विषयों.छूना...छुवन..स्पर्श..संस्पर्श पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1)अच्छी   छुवन
       बुरी छुवन में फर्क
            जानती   नारी

2)बताओ  सभी
     छोटी बड़ी  लड़की
             भेद     छुवन

3)निर्लज्ज  लोग
      दुराग्रह  गृसित
        छूते  नारी को

4)माँ का स्पर्श
     सिर औ माथे पर
           है आशीर्वाद

5)प्यारा है स्पर्श
      नवजात शिशु का
           गोल    मटोल

(समाप्त)