Sunday, 19 March 2017

हाइकु श्रृंखला 34.."शब्द "और" शून्य" विषयों पर

नमस्कार मित्रों..

आज 14-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 34 के लिये चयनित विषयों शब्द और शून्य  पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)शब्द    तो  होते
       औजार  धारदार
          करते  वार

2)शब्द     नरम
      दिल   को सहलाते
          भरते      जख्म

3)मरहम   हैं
      शब्द   सांत्वना के
         बोली  के जख्म

4)शून्य तो नहीं
        शून्य ही केवल ये
            भरते    स्थान

5)भारत     बोला
         शून्य को समझाया
              ज्ञान  विश्व को

(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..

आज 15-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक34 के लिये चयनित विषयों..शून्य और शब्द ..पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1)विशाल शून्य
       होता हमारा मन
          उठते  ख्याल

2)शून्य     प्रकाश
        शून्य ही हैआकाश
             यही है  आस्था

3)मानों न  मानों
     रहस्यों से भरा विश्व
           शून्य में  खोजो

4)आडम्बर  हैं
       शब्द सब खोखले
            बजाते    मुँह

5)शब्दों के तीर
       वार    करें गंभीर
          रहें   सतर्क

6)तीर   घायल
       फिर भी बच जाता
            न    अपशब्द

7)नाज़ुक   दिल
        इंकार के अल्फ़ाज़
             टूट  ही जाता
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...

आज 17-03-2017 हाइकु मञ्जूषा के अंक 34 के लिये चयनित विषयों "शब्द" और "शून्य" पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..

1) शून्य    विशेष
        जोड़ घटाव  गुणा
           भाग भी शून्य

2)दाएँ ओर जो
       शून्य बढ़ाया  जाये
           हो   दस    गुना

3)निरर्थक   है
      पूर्णाक  के बायें जो
          लगाया  शून्य

4)दशमलव के
        बाद  शून्य घटाता
        दस    गुना  ही

5)अर्थहीन   हैं
       वोह    सारे ही शब्द
         भाव  के   बिना

6)शब्दों       का खेल
       बनाता   मन्त्र  उसे
        विशेष   क्रम

7)मान    दिलाते
       अपमान   दिलाते
         संभालो  शब्द

8)मृदुभाषी    हों
       कोमल   हों जो शब्द
           मिले  सम्मान

(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..

आज 18-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 34 के लिये चयनित विषयों "शून्य" और "शब्द "पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...

1) शब्द  है  नाद
       शब्द   निनाद  भी
          होते सौम्य   भी

2)  शब्द   के    अर्थ
        मत  बने अनर्थ
           ध्यान   रहे जी

3)बने       संवाद
      बनते  वो  विवाद
         शक्ति    शब्द की

4)शब्द      शस्त्र   भी
       शब्द  शास्त्र  भी
          हो  चतुराई

5)महाशून्य     है
       महाकार भी वोह
           परमेश्वर

6) शून्य  न  कम
       उसमें  बड़ा   दम
         ज़ीरो   से   हीरो

7)शब्दों का खेल
       कोई    पास या फेल
          हो    सावधानी

8)आकाश    देखो
      शून्य     कभी निहारो
        रहस्य  भरा

(समाप्त)

अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव

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