नमस्कार मित्रों...
आज 21-03-1017 हाइकु मञ्जूषा अंक35 के लिये चयनित विषयों..शिला.. पाहन...पाषाण और....पत्थर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत है..
1)शिला खंड
बनाते सुन्दर दृश्य
नदी के मध्य
.
2)धारा बँटती
कल कल बहती
सुनाती गीत
3) शिलालेखों पे
अमर इतिहास.
रहे सर्वदा
4)पत्थर दिल
शीशा ज़ाम लड़े
मिले न चैन
5) बुझते दिये
नाचती है रक्कासा
प्यास होठों की
6)नहीं बुझती
जलाती है दिल को
प्यार की प्यास
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..
आज 22-03-2017हाइकु मञ्जूषा अंक35 के चयनित विषयों..शिला..पत्थर.. पाहन और पाषाण पर आधारित चंद हाइकु..
1)शिलान्यास तो
बिल्डिंग का प्रारंभ
शुभ मानते
2)शिला लेख तो
बताते इतिहास
था जो ओझल
3)पहाड़ घर
करते ये सफर
नदी के साथ
(पत्थर)
4)पाषाण युग
पत्थर के औज़ार
आग जलाते
5)पत्थर दिल
कम वो पिघलते
देख के आँसू
6)चट्टान बना
दृढ इरादे साथ
मोर्चा न छोड़ा
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..
आज 23-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित..विषयों..शिला..पाहन.. पाषाण और पत्थर पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) फैलीं शिलाएँ
कल कल नादिया
मस्त हवाएँ
2)पत्थर होते
पहाड़ टूट आते
बेघर हैं वो
3)श्रीराम लिखे
तैरते वो पाहन
सेतुबंधन
4)उठा पर्वत
पधारे हनुमान
संजीवनी ले
5)पत्थर मार
खेलते सब जन
मनाते पर्व
6)शिला पे बैठ
नदी में है नहाती
राजकुमारी
7)पाषाण युग
बर्तन हथियार
पत्थर से ही
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 24-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित विषयों..शिला..पाषाण..पाहन और पत्थर विषयों पर चंद हाइकु...
1)युगों से पड़ी
वोह शिला बनी स्त्री
पावन स्पर्श
2) दिखा विरोध
पत्थर वो फेंकते
निन्दाजनक
3)पत्थर होता
प्रमुख आधार ही
पाषाण युग
4)मंदिरों में है
संगमरमर की
प्यारी मूर्तियाँ
5)सुंदरी बनी
पाषाण हृदया जो
सुनी न गयी (बात)
6) मूर्ती पाषाण
दिखे जो भगवान
बात आस्था की
7) मानो न मानो
कभी पत्थर दिल
बहाते आँसू
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 25-03-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 35 के लिये चयनित विषयों..शिला..पाहन..पत्थर और पाषाण पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) शिलाएँ पड़ी
नदी के आगोश में
मौन ये प्रीत
2)पत्थर पूजें
भगवान बनाते
हाथ मनुष्य
3) बनता सेतु
तैरती हैं शिलाएँ
राम का नाम
4)कुशल हाँथ
बना ताजमहल
नक्काशीदार
5)फ़तेहपुर
सीकरी खंडहर
याद झरोखे
6)लालकिला तो
बना लाल पत्थर
शान आगरा
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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