आज 02-04-2017 हाइकु मञ्जूषा 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/ निर्झर पर आधरित चंद हाइकु..प्रस्तुत हैं..
1) बहती नदी
कल कल है नाद
जीवन रेखा
2)सरिता तट
उत्सव का माहौल
होती है पूजा
3)झरना झरे
जीवन गीत गाये
खुशी से भरा
4)निर्झर देता
सुखों की भेंट हमें
जीवन दायीं
5)पहाड़ी नदी
छिछली पर तेज
है आकर्षक
6)नहाना मत
पहाड़ी झरने में
गिरते पत्थर
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 03-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) नदी बहती
कुछ न वो कहती
भला करती
2) नदी किनारे
कलरव करते
पक्षी के झुण्ड
3)धोते कपड़े
नहाते सब लोग
नदी होती माँ
4)प्रचंड वेग
निर्झर है झरता
शोर करता
5)विशालकाय
नैनाभिराम है
यह झरना
6)झरना देता
खुशहाली का मन्त्र
अबाध कर्म
(क्रमशः)
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आज 04-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)सरिता गंदी
मानव अपराधी
स्वार्थी जीव
2)पीने का पानी
हर नदी दूषित
अपना नाश
3)निर्झर झरें
सबका भला करें
प्रदूषित हैं
4)देन प्रकृति
यह नदी - निर्झर
वरदान हैं
5)स्व स्वार्थ हैं
सर्वोपरि जो होते
लोग मरते...
(क्रमशः)
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आज 05-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना /निर्झर पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...
1) निर्झर झरें
अनवरत काम
जन कल्याण
2)सदा उत्साही
बिना थके या रुके
झरें झरना
3)नदी की धारा
आशा और विश्वास
खुशियाँ साथ
4)सरिता बहे
सींचे खेत हमारे.
जीवनी शक्ति
5)नदिया सूखी
सूखी जीवन आशा
हे परमात्मा
(क्रमशः)
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आज 06-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) मन सरिता
बहते रहते हैं
भाव विकल
2)नदी बहती
जल हो कल कल
है अविरल
3) गहरी नदी
होती मन की सोंच
दबी चाहतें
4)सज्जन लोग
होते जैसे निर्झर
लुटाते ख़ुशी
5)झरना देता
लुभावना सा दृश्य
मन मोहना
6) नदी जीवन
आदि से अंत तक
पालती हमें
(क्रमशः)
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आज 07-04-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों नदी/सरिता और झरना/निर्झर पर आधारित चंद हाइकु
प्रस्तुत हैं..
1)केवल देता
न कुछ वोह लेता
दानी निर्झर
2)स्वछन्द वो
झर झर झरता
शोर करता
3)नदी किनारे
घाट पर नहाते
करते पूजा
4)सरिता होती
जीवन की रेखा सी
बुझाती प्यास
5)नदी हो साफ़
पर्यावरण साफ़
जीवन बढ़े
6)झरना प्यारा
जीवन है हमारा
देता पोषण
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 08-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 37 के लिये चयनित विषयों..नदी/सरिता और झरना/निर्झर..पर आधारित 6 हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)खिले पलाश
है स्वच्छ नदी पास
प्रसन्न मन
2)नीला आकाश
सफेद झरे झाग
झरना प्यारा
3) कठिन वन
निर्झर है गिरता
हैं वन्य पशु
4)मोहती मन
बहती धीर भाव
हमारी गंगा
5)अपराधी वो
दूषित करें जल
अमृत सम
6)अरे ओ मूर्खों
जल को जल रखो
गंदा न करो
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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