[10/2, 09:08] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 02-10-2016 "स्त्री" के सभी रूपों पर
आधारित.. हाइकु..
1)पूजते दुर्गा
लक्ष्मी सरस्वती - जो
हर नारी में
2)शक्ति स्वरूपा
जन्मदायनी माता
प्रणाम करूँ
3)माँ देती जन्म
बेटी बहना प्यार
पत्नी दे साथ
4) दादी नानी ने
सुनाई कहानियाँ
किया दुलार
5) दादा नाना ने
खेला -खूब घुमाया
प्यार जताया
6) जीवन नौका
संग सहचरी मैं
पाया आनंद
7) नारी शक्ति है
नारी जीवन रूप
करें आदर
(संमाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[10/4, 08:32] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 04 अक्टूबर 2016
को नारी के समस्त रूपों
पर....चंद हाइकु..
1) नारी पूजा है
है दुर्गा लक्ष्मी काली
औ सरस्वती
2) नारी शक्ति है
महिषासुर वध
परम तेज
3) नारी प्रिय है
जीवनसंगिनी वो
मनमोहिनी
4) नारी अबोध
सजे बालिका रूप
प्यारी सबको
5) नारी है मित्र
कठिन समय में
बन के पत्नी
6)नारी सर्जक
नयी संतति बच्चे
घर बसाती
7) नारी सम्पूर्ण
अकेले पुरुष को
पूर्ण बनाती
(नारी के अनेक रूप अभी शेष हैं..फिर कभी)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[10/5, 09:09] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 05-10-2016 के हाइकु नारी के विभिन्न रूपों पर (जो विषय दिया गया है)
1) बहु हो बेटी
सास यदि बनती
माता उसकी
2) देवर भाभी
प्यार का हो बंधन
भाभी बने माँ
3) साली में देखे
वो बहिन अपनी
ऐसा हो जीजा
4) वेश्या जो बनी
किसने है बनाया
है वो भी नारी
5)गरीब बाई
बच्चे खिलाती ग़ैर
अपने रोते
6)नारी जलती
नारी पिटती सहे
वो अत्याचार
7)दहेज़ चाहें
ससुराल के लोग
बहु हो तंग
अभी बहुत सारे नारी रूप शेष है..फिर कभी..
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[10/6, 07:19] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 06-10-2016 है
यदि इसे 6-10-2016 लिखा जाये तो ये विलक्षण बन दिन बन जाता है..दो के दोनों तरफ एक सी संख्या ..
खैर आज के हाइकु दिए गए विषय "नारी"पर..तो प्रस्तुत है"नारी के विभिन्न रूपों पर..
1) चूमता उसे
देख वो किल्कारिती
प्यारी है पोती
2)हँसे मुस्काये
मुझे लुभाये प्यारी
नातिन मेरी
3)नाना जी आना
नाना नानी दिन है
भोली नातिन
4)पोती के सँग
खेलूँ बन के घोड़ा
खुश वो होती
5)आँख मिचौली
खेले तकिया नीचे
वोह छिपती
6)ढूँढता फिरूँ
सारा घर में कहाँ
हो मीनू तुम
7)हँसती है वो
क्या नाना तुम भी हो
ढूँढ न पाते
अभी नारी के बहुत रूप बाकी हैं..फिर..
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[10/7, 07:54] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 07 -10-2016
..आज के चंद हाइकु दिए गए विषय "नारी" पर..
1)समधिन है
प्यारी जमाई जाया
बेटी सुहाग
2)समधिन है
प्यारी बहु को जाया
घर की लक्ष्मी
3)रहें प्यार से
देवरानी जिठानी
स्वर्ग हो वहाँ
4) मामी करती
प्यार ननिहाल में
माता का रूप
5)चाची ताई भी
करती प्यार मुझे
छोटी बड़ी माँ
6)बहिन भाई
सहोदर हैं होते
प्यारी बहना
7)छोटी सी बच्ची
तुतला के बोलती
मेले हैं पापा
नारी के बहुत रूप अभी बाकी है..फिर.
अखिलेश चन्द्र श्रीवास्तव
[10/8, 07:41] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज 08-10-2016
विषय ..नारी
1) नारी सहती
प्रसव वेदना को
ख़ुशी सबकी
2)पुत्र है जन्मा
बजते घड़ियाल
बाटें मिठाई
3)दौर ए ख़ुशी
सजतीं महफ़िलें
लड़का हुआ
4)बलैय्या लेतीं
सासु ननद पति
ख़ुशी अपार
5)कुलदीपक
जन्मा -बढ़ेगा वँश
जागी उम्मीद
6)कन्या जो जन्मी
मातम ही छा गया
उदास लोग
7)बधाई लगे
सबकी गाली जैसी
हारा खिलाडी
नारी की और भी समस्याएं हैं..फिर कभी..
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[10/9, 07:39] Akhilesh C Srivastava: नमस्कार मित्रों
आज दिनांक 09-10-2016 चंद हाइकु दिये गये विषय "नारी " पर..
1)आँखों में आँसू
काजल गालों पर
पिटती पत्नी
2) भोली भाली वो
दिन भर खटती
रात पिटती
3)पति शराबी
पैसे रोज़ माँगता
खूब पीटता
4)पति पीटते
पढ़ी बेपढ़ी सब
है परमेश्वर
5)क्यों है सहती
स्वयं है सक्षम
नारी हमारी
6)शिक्षा ताकत
शिक्षण ही दौलत
नारी सम्मान
7)शिक्षित बेटी
मजबूत है होती
उसे पढ़ाओ
नारी के अभी भी बहुत रूप बाक़ी है..शेष फिर
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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