नमस्कार मित्रों..
आज कुछ हायकू सावन ..विरही मन और परदेशी साजन पर..
"सावन"
******
स्वर संगीत
गाती रही कोयल
सावन झूमा
****** *********
प्यार ज़ुहार
खुशियों की बौछार
सुखी जीवन
********** *****
ग़म जुदाई
तेरी याद आई
सूखा सावन
******** *******
साजन मेरे
मेहँदी हाँथो पर
नाम तुम्हारा
******* ******
दिन कटता
रात नहीं काटती
विरही मन
****** *******
फोन न किया
याद भी तो न किया
ओ हरजाई
**** ***** ****
(समाप्त)
------------//--------*-----------//---------
सुप्रभात मित्रों..
आज चंद हायकू "सावन".."झूले".."मेहँदी"..आदि पर ..इन सभी से आप भलीभाँति परिचित ही हैं..
अतः सीधे हायकू..
"सावन "..."झूले"..मेंहदी..
*******************
1) मेहँदी रची
आपकी हँथेलियाँ
नाम हमारा
2) रचा मेंहदी
पहन धानी साड़ी
पूरा सावन
3) झूला झूलते
ऊँची से ऊँची पेंगें
ख़ुशी हमारी
4) बैरी सावन
है बहुत सताता
पिया बिदेस
5) वर्षा बयार
सब कुछ बेकार
साजन बिन
6) नाम को मेरे
रचा हथेलियों पे
प्यार जतातीं
7) ऐ मेरी दोस्त
मेरी जीवनसाथी
यादें हैं बाक़ी
(समाप्त)
-------------//-------*--------------//--------
सुप्रभात मित्रों...
आज रक्षाबंधन का त्यौहार और भारत का पहिला रियो ओलंपिक का मैडल की दोहरी ख़ुशी पर बधाइयाँ और शुभकामनाएँ...
आज के हायकू इन्हीं पर
मैडल ..कन्या और
***************
रक्षाबंधन
********
1) साक्षी मलिक
देश को दी उम्मीद
पदक कांस्य
2) बड़े खिलाड़ी
नामवालों ने किया
दुःखी निराश
3) रक्षा बंधन
प्यार का बंधन
बहिन भाई
4) महिला रक्षा
बहुत आवश्यक
जानें पुरुष
5) कन्या भ्रूण की
हत्या है महापाप
सृष्टि विनाश
6) कन्या है धन
क़िस्मत और ख़ुशी
परिवार की
7) जिस समाज
कन्या का अनादर
पतनोन्मुखी
(समाप्त)
------------//----------*--------------//------
[8/19, 11:50] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज एक मुख्य विषय "पाप" और "पुण्य"आप सब जानते ही हैं इन्हें..इनकी अलग अलग व्याख्या करते हैं लोग ..पर मेरी नज़र में..
पाप
*****
1) जिसे करने
आप हिचकें डरें
वोह है पाप
[8/19, 12:10] akhileshchandra srivastav: 2) न करते जो
सबके सामने वो
पाप है वही
3) आत्मा धिक्कारे
ऐसे किसी काम को
कहते पाप
पूण्य
*****
4) मिलती ख़ुशी
वोह कार्य होता है
पूण्य का काम
5)आप खुश हो
और भी होते खुश
है काम पुण्य
6) करो सामने
और ख़ुशी हो पैदा
पुण्य है पुण्य
(समाप्त)
-------------//--------*------------//---------
हायकू
******
1) बादल वर्षा
हवा के प्यारे झोंके
सावन आया
2) पेड़ों पे झूले
सँग साजन मेरा
ख़ुशी चौगुनी
3) कोयल गाती
स्वर मधुर प्यारे
जिन्दा सँगीत
4) दादुर गाते
उछल उछल के
जताते ख़ुशी
5) वर्षा ऋतु की
होती छटा निराली
बूंदे झरतीं
6) जिनके पिया
साथ उनको लगे
सावन प्यारा
7) ऐ प्यारे चंदा
देना तुम सन्देश
पिया बिदेस
8) मर मर के
जीती मर मर के
बिन तुम्हारे
9) बैरी सावन
मेघ गर्जन शोर
जिया उदास
10)तुम्हारा साथ
मन मेरा उल्लास।
जियो सावन
-----------//-----------*------------//-------
आज के हायकू..
सावन पर विशेष प्रस्तुति
********************
1) वर्षा का शोर
मस्त पवन ज़ोर
आये न पिय
2) माह सावन
बरसातीं अखियाँ
आँसू लड़ियाँ
3) कजरा लगा
मेंहदी भरे हाँथ
पिया न आये
4) विरह पीड़ा
सही न अब जाये
कोई बुलाये
5) होंठो पे लाली
महावर पाओं में
उन्हें रिझाऊँ
6) पेड़ों पे झूले
कैसे पेंग लगाऊँ
साजन बिन
7) सावन बैरी
भर जग है बैरी
पिया बिदेस
(समाप्त)
----------//---------*------------//---------
आज के हायकू..
सावन पर विशेष प्रस्तुति
********************
1) वर्षा का शोर
मस्त पवन ज़ोर
आये न पिय
2) माह सावन
बरसातीं अखियाँ
आँसू लड़ियाँ
3) कजरा लगा
मेंहदी भरे हाँथ
पिया न आये
4) विरह पीड़ा
सही न अब जाये
कोई बुलाये
5) होंठो पे लाली
महावर पाओं में
उन्हें रिझाऊँ
6) पेड़ों पे झूले
कैसे पेंग लगाऊँ
साजन बिन
7) सावन बैरी
भर जग है बैरी
पिया बिदेस
(समाप्त)
----------------//---------*-----------//------
आज के हायकू..
सावन पर विशेष प्रस्तुति
********************
1) वर्षा का शोर
मस्त पवन ज़ोर
आये न पिय
2) माह सावन
बरसातीं अखियाँ
आँसू लड़ियाँ
3) कजरा लगा
मेंहदी भरे हाँथ
पिया न आये
4) विरह पीड़ा
सही न अब जाये
कोई बुलाये
5) होंठो पे लाली
महावर पाओं में
उन्हें रिझाऊँ
6) पेड़ों पे झूले
कैसे पेंग लगाऊँ
साजन बिन
7) सावन बैरी
भर जग है बैरी
पिया बिदेस
(समाप्त)
------------//--------*----------//-------
No comments:
Post a Comment