नमस्कार मित्रों..
आज....18-01-2017..हाइकु मञ्जूषा अंक 26 के चयनित विषय संयोग श्रृंगार और वियोग श्रृंगार पर चंद हाइकु..
1)तुम्हारा प्यार
जिंदगी की बहार
खुशियाँ मेरी
2) बसी हो ऐसे
तन में प्राण जैसे
दिल में मेरे
3)चैन न मिले
क़रार भी न आये
बीती रैन भी
4)अँखियों करे
इशारे औ बुलाये
सोंच में पड़ा
5)गये बिदेस
बिसराया मुझको
जुल्मी हो पिया
6) तड़पती मैं
विरह है सताती
पिया न आते
7)जीवन गीत
मधुर जो संगीत
तुम हो प्रिये
8)वियोग सहूँ
नित प्रतीक्षा करूँ
कब आओगे
9)दिन बीतते
राते नहीं कटती
साजन बिन
10)रूप श्रृंगार
चली अभिसार को
प्रेम दीवानी
(क्रमशः)
----------//-----------*-----------//------
नमस्कार मित्रों
आज 21-01-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 26 के लिये चंद हाइकु चयनित विषयो संयोग श्रृंगार और वियोग श्रृंगार पर..
1)महकी साँसें
ख्यालों में तुम आये
बन बहार
2)प्यार की सज़ा
तड़पते हैं हम
बिन तुम्हारे
3)खुशबू उड़ी
ठंडी बयार चली
प्रिय जो आते
4)रात को चंदा
दिन सूरज दिखे
पी बिन सूना
5) फोन मिलाया
उन्हें घर बुलाया
देखती राह
(क्रमशः)
---------//---------*----------//----------
नमस्कार मित्रों ..
आज 22-01-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 26 के चयनित विषय संयोग श्रृंगार और वियोग श्रृंगार पर चंद हाइकु...
1)प्रेम सिखाऊँ
गले लगाऊँ प्रिये
मधुमास ये
2)प्रेम न जानु
तुझको अपनाउँ
हमारे पिया
3)दिल की मानूँ
और कुछ न जानूँ
जिधर चले
4)प्रेम डगर
चल पड़े मग़र
राहें अंजान
5)चिता जलाती
मृत देंह विरह
जीते जी हमें
6)पिया विदेस
जिया रहे बेचैन
कैसे जियूँ मैं
7)पाती न आती
खबर न मिलत
बिरहिन मैं
8)रब मिलाये
दरस हों उनके
कोई जतन
(क्रमशः)
----------//---------*---------//----------
आज 15-01-2017 हाइकु मञ्जूषा के अंक 26 के लिये चंद हाइकु... चयनित विषय.. संयोग श्रृंगार/वियोग श्रृंगार पर..
1)चाँद नभ में
चाँद आगोश में भी
चंचल मन
2)प्यार जताये
रात रात जगाये
रहूँ भ्रमित
3)प्रीत ये कैसी
रातें होती बेचैन
याद सताती
4) साज़ श्रृंगार
मुझे नहीं सुहाये
पिया न आये
5) मोहक नारी
चाँदनी पूनम की
पागल नींद
6)काजल कारी
कजरारी वो आँखें
वार गंभीर
7)सुंदरता तो
मन में ही रहती
चेहरा मौन
8)रसीले होंठ
कजरारे नयन
बाँकी अदाएँ
9)गज़ गामिनी
सुंदरी वो मोहिनी
मन को भाती
10)मंद मुस्कान
तिरछी चितवन
लूटती मन
11) इठलाती वो
कुछ भी न बोले
बात मन की
(क्रमशः)
-----------//---------*------------//-------
आज 16-01-2017 चंद हाइकु... हाइकु मञ्जूषा के चयनित विषयों..संयोग श्रृंगार /वियोग श्रृंगार पर..
1)संयोग चाह
मंजिल है विवाह
कोई मिला दे
2)मैं जिसे चाहूँ
मिलना हो उससे
रब मिला दे
3)मस्त पवन
बहती अमराई
पींगें झूले पे
4)रास रचाऊँ
वारी वारी मैं जाऊँ
हमारे पिया
5) कजरारी औ
रत्नारी हैं वे आँखे
मेरी प्रिया की
6) महावरी वो
प्यारी प्यारी एड़ियाँ
सुन्दर दिखें
7)पिया बिदेश
मनवा रहे उदास
कैसा श्रृंगार
-----------//-------------*--------//----
No comments:
Post a Comment