Wednesday, 28 December 2016

हाइकु श्रृंखला..अंक 23 शीत.. कोहरा ..ठण्ड ..अलाव अदि

आज 25-12-2016 हाइकु मञ्जूषा अंक23 के चयनित विषय शीत  ..ठण्ड ..कोहरा..ओस ..अलाव आदि ...पर चंद हाइकु

1) 'कोहरा'  छाया
         दृष्टि हुयी बाधित
              ट्रैफिक जाम

2)'ठण्ड ' बढ़ी
      ऊनी वस्त्र पहनों
         बचाओ 'शीत'

3)कमाल 'ओस '
        फूलों पे छाये मोती
                 झिलमिलाते

4)'ठंडा' मौसम
      गज़क तिल गुड़
         आई    बहार

5)भुनी सींग या
     आलू   नमक साथ
         मजे    'ठण्ड 'के

6)'अलाव 'घेरे
       तापते    सारे लोग
             'शीत'    बचाते

7)गरीब लोग
      ' अलाव '  के सहारे
               ठण्ड बचाते

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आज 26-12-2016 चंद हाइकु ..हाइकु मञ्जूषा अंक 23 के लिए चयनित विषय पर..

1) शीत लहर
        ढाती है क़हर ये
            लोग  बीमार

2) कोहरा छाता
        यात्रा होती कठिन
              धीमा ट्रैफिक

3)ओस यूँ दिखे
       जैसे मोती लटके
            पत्तियों    पर

4)ठण्ड की मार
        फसलें बरबाद
          रोते किसान

5)सूट बूट औ
       शाल ओढ़ते सब
          जाते      घूमने

6)ठंडी  हवायें
        बहुत हैं सताती
               फटते होंठ

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आज 28 -12-2016..चंद हाइकु ..हाइकु मञ्जूषा के अंक 23 के लिए चयनित  विषय पर...

1) ठण्ड की मार
       किसान  परेशान
           बुवाई    कैसे

2) ओस की बूँदे
       पत्तियों पे गिरतीं
               ढरक रहीं

3) फटी ओढ़नी
       पहिन के कमला
                ठिठुर रही

4) कोहरा छाया
       दृष्टि दूरी सीमित
               ट्रेनें हैं लेट

5) अलाव जले
       लोग पास हैं  बैठे
             आग सेंकते

6) ठण्ड के दिन
       मूँगफली गज़क
           लोग हैं खाते

7) ओढ़ रजाई
       टोप और कंटोपा
           कलुवा  सोता

8) शीत लहर
        शहर को लपेटे
             बंद बाज़ार

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आज 29-12-2016 चंद हाइकु ..हाइकु मञ्जूषा अंक 23 के चयनित विषयों पर..

1)कंपकपाती
        ठंडी हवाएँ  लगें
            जैसे   थप्पड़

2)अलाव जला
      तापते वे बदन
         गरीब   लोग

3)न कोई छत
       आसमान  के नीचे
            मरे    ठण्ड  से

4)नहीं सौभाग्य
      न गर्म  हैं कपड़े
         शीत     लहर

5) फूलो पे ओस
        ऐसी है चमकती
             बिखरे  मोती

6)अलाव जले
        सब जन आ मिलें
            चर्चा   गांव  पे

7)भूनते  होरा
        खाते हैं गर्मागर्म
            राहत   ठण्ड

नोट:-
होरा..(चने के पौदे पर दाने  वाली फली जब उसमे दाने  आ जाते हैं .. उसे पेंड सहित जलाकर होरा बनता है ..जो बहुत स्वादिष्ट होता हैं..)

(क्रमशः)
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आज 30-12-2016 चंद हाइकु ..हाइकु मञ्जूषा अंक 23 के चयनित विषयों पर

1) बूदें ओस की
       यूँ हैं झिलमिलाती
            मोती की खेती

2)कोहरा  घना
      छाया  है अंधकार
        बेचैन        मन

3)शीत लहर
        बंद हैं दरवाजे
         काटें    समय

4)जला अलाव
      तापते  हैं वे सब
        ठण्ड    बचाते

5)बर्फ गिरती
      हर तरफ दिखे
          श्वेत   चादर

6)सैलानी आते
      बर्फ से वो खेलते
           ठण्ड का मजा

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आज 31-12-2016 इस साल का आखिरी दिन ..इसने हमे बहुत प्यार से रक्खा और संजोया ..हम सब इसके प्यार के प्रति सदा आभारी रहेंगे..साथ हमें हमारे तमाम दोस्तों से मिलाया और उनका प्यार दिलाया उसका भी हम आभार मानते हैं..साथ ही साथ नयी उम्मीदों और सपनों के साथ आनेवाले साल 2017 का भी स्वागत.. इस्तकबाल और वेलकम करते हैं..और साथ ही अपने सभी मित्रों ..हितैषियों..सम्बन्धियों ..मिलने वालों को नए साल की मुबारकबाद..शुभकामनायें भी देते हैं.....आप सभी का नववर्ष मंगलमय हो..

अब आज के चंद हाइकु ..हाइकु मञ्जूषा अंक 23 के चयनित विषयों पर..

1)ठण्ड से भरी
       कोहरीली हैं रातें
           पिया न पास

2)ओस बरसी
       सड़कें  हुई गीली
           फिसलन    है

3)जले अलाव
       जमा कूड़ा कचरा
           तापते     लोग

4)खुला आसमां
        कड़ाके की है ठण्ड
               ठिठुरें     लोग

5)शीत     लहर
      ठंडक  का प्रकोप
            हैरान    लोग

6)कोहरा छाया
        मन है घबराया
          पिया न आये

(समाप्त)

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