[11/14, 15:43] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों...
आज 14-11-2016 कार्तिकी पूर्णिमा है..आज के दिन गंगास्नान का विशेष महत्व है..साथ ही आज दो महान आत्माओं गुरु नानक देव और जवाहर लाल नेहरू जी का जन्मदिन यानि जयंती भी है... हाइकु मञ्जूषा अंक 17 दिया गया विषय है...
नवजात,शिशु ,बच्चा ,बालक और बालिका( 14 नवंबर से 19 नवंबर तक)
चंद हाइकु इन्ही पर..
1) नवजात तो
देखता संसार को
कौतुक ही से
2)कोमल बड़ा
रुई के फाहे जैसा
नाजुक है वो
3)दूध माता का
अमृत जैसा होता
हो स्तनपान
4)जच्चा औ बच्चा
दो देंह एक जान
प्रीति से जुड़े
5)देन ख़ुदा की
बालक या बालिका
रखो संभाल
6)कन्या भ्रूण की
हत्या है महापाप
करो विरोध
7) देवी रूप तो
बालिकाएं है होतीं
पूजो उनको
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/15, 09:08] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज15-11-2016 आज के चंद हाइकु .(हाइकु मञ्जूषा अंक 17 के विषय.. नवजात...शिशु..बच्चा.....बालक और बालिका पर.)
1)नवजात तो
होता नया मेहमाँ
इस जहाँ में
2)अबोध शिशु
गोल गोल आँखों से
दुनियाँ देखे
3)कभी हँसता
कभी रोता चिल्लाता
अभी है शिशु
4) छोटे बच्चे तो
चाहते देख रेख
होता विकास
5)नन्ही बालिका
अनोखी हरकतें
बनें दुल्हन
6) मम्मी की चुन्नी
उल्टी सीधी लपेट
बनी दुल्हन
7)देखिये जब
लजाती बहुत वो
छोटी दुल्हन
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/16, 11:48] akhileshchandra srivastav: आज 16-11-2016 चंद हाइकु ...हाइकु मञ्जूषा के अंक17 के विषय नवजात..शिशु..बच्चा ..बालिका और बालक पर..
1) बालिका होती
प्यारी तोतली बोली
बुलाती पप्पा
2)गुड़िया गुड्डा
शादी रचाती वोह
बनती अम्मा
3)मेरा गुड्डा तो
दूल्हा तेरी गुड्डी का
होगा विवाह
4)बुधवार को
होगा तिलक और
शुक्र विवाह
5)दस बाराती
बैंड बाजा रौशनी
सारा प्रबंध
6)बालक खेलें
गुल्ली डंडा और
उड़े पतंग
7)बालक खेले
खेल कबड्डी और
नचाते लट्टू
8)शिशु हँसता
कभी दे किलकारी
कभी वो रोता
9)कभी भूँख से..
कभी डर के वोह
ज़ोर से रोता
10)गोद अम्मा की
पहिचानता खूब
चुप हो जाता
(क्रमशः)
👭
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/17, 08:32] akhileshchandra srivastav: आज 17-11-2016 चंद हाइकु ...हाइकु मञ्जूषा के अंक 17 के विषय..नवजात..शिशु..बच्चा...बालक... बालिका...पर
बच्चा
*****
1)बच्चा हूँ मैं
पर अक्ल का पक्का
नहीं हूँ कम
2)मेरे रोने से
सब हैं घबराते
मानते बात
3)जिद में आऊँ
सब ही मनवाऊँ
हारते सब
नवजात
*******
4)नवजात मैं
दुनियाँ निराली है
अलग मेरी
5)हँसता रोता
किलकारी भरता
भूँखा तो रोता
बालक
******
6)बालक हूँ मैं
सब प्यार करते
कुलदीपक
7)दूध पिलाते
घी दही मक्खन दें
बेटा जो हूँ मैं
8)पढ़ना हक़
प्यार पर भी हक़
बालक जो मैं
बालिका
*******
9)पराया धन
कहते सब मझे
दुत्कारते वे
10)काम घर के
या बाहर के मेरे
खाती जूठन
11)कलमुँही तू
बोझ है हम पर
कहते सब
(क्रमशः)👭 🙏🏼
[11/18, 10:43] akhileshchandra srivastav: आज 18-11-2016 चंद हाइकु.. हाइकु मञ्जूषा के अंक 17 के दिये गये विषय...नवजात..शिशु....बच्चा..बालक और बालिका पर..
नवजात
*******
1) नवजात हूँ
दुनियाँ से अंजान
संभालो मुझे
शिशु
****
2)शिशु केवल
"शी "या "शू "ही करता
कहते "शिशु"
(शी +शु=शिशु)
बच्चा
*****
3)बच्चा हूँ मैं तो
समझे मुझे कच्चा
वही नादान
4)बच्चा जान के
मुझे बनाते मूर्ख
स्वयं बनते
5)बच्चे न होते
भगवान की देन
आपका कर्म
बालक.. बालिका
***************
6)बालक क्या औ
बालिका क्या दोनों हैं
एक समान
7)सोंच सुधरे
फिर देश सुधरे
प्यारी बालिका
8)बालिका शुभ
करे प्यार माँ बाप
नहीं वो पाप
तांका
*****
पैदा करना
नहीं पर्याप्त उन्हें
बड़े बनाना
योग्य जिम्मेदार भी
बनाना है आपको
(क्रमशः)
.
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/19, 09:08] akhileshchandra srivastav: आज 19-11-2016 हाइकु मञ्जूषा अंक 17 के लिये आखिरी दिन..चंद हाइकु दिये गये विषय ...नवजात..शिशु..बच्चा..बालक और बालिका पर..
नवजात
*******
1) मैं नवजात
मेरी क्या होती जात
मुझे न ज्ञात
शिशु
*****
2)पलने लेटा
अँगूठा हूँ चूसता
हँसता रोता
3)तेल मालिश
उबटन पालिश
मुझको भाती
4)नानी देखतीं
खुश हो वे गातीं
लोरी सुनातीं
5)मैं भी सो जाता
सपनों में खो जाता
आतीं परियाँ
6)माँ का दूध तो
अमृत ही है होता
मुझको भाता
बच्चा
*****
7) बना के घोड़ा
पापा की पीठ पर
करूँ सवारी
बालक
******
8)निकर शर्ट
मेरी स्कूल की ड्रेस
मुझको भाती
9) टीचर दीदी
सुन्दर सुन्दर है
करती प्यार
बालिका
*******
10)स्कर्ट ब्लाउज
ड्रेस है मेरी प्यारी
बालों में फूल
11)स्कूल बस
आती मैं स्कूल जाती
रहती खुश
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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