[11/2, 07:28] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 2-11-2016 दीपावली की छुट्टियाँ समाप्त ..ऑफिस ..स्कूल शुरू..तो मैं भी वापस हाइकु मञ्जूषा अंक 15 के लिये दिये गये विषय ..शरीर के पंचतत्वो में प्रमुख दो "आग"और"माटी या मिट्टी"पर...
आज के चंद हाइकु इन्ही पर..
1) मिट्टी का बना
आग में पक कर
हो पक्का घड़ा
2) दिखे सुन्दर
होता मज़बूत वो
पक्का है घड़ा
3)शीतल जल
बहुत सस्ते दाम
देता ये घड़ा
4)माटी शरीर
समय आग तप
होता है बड़ा
5)पञ्च तत्व ही
शरीर हैं रचते
ईश्वर बसा
6)आग पेट की
सदा ही है जलती
पचता खाना
7) जीवित तन
गर्म बना रहता
मर के ठंडा
8)मिट्टी का तन
ऊर्जा उसे मिलती
अंदर आग
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/3, 07:30] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज03-11-2016हाइकु मञ्जूषा अंक15 के लिये दिये गये विषय "पञ्च तत्व" के दो प्रमुख तत्व "आग"और "मिट्टी" पर..
1) मिट्टी का तन
बुराई का पुतला
हरि का रचा
2) समय आग
पक कर हो गया
पक्का घड़ा
3) बातें अच्छी तो
न समझे वो कभी
जिद पे अड़ा
4) ऊपर हूँ मैं
सब दूसरों ही से
इस पर भिड़ा
5) ज्ञान सरिता
बैठ किनारे सदा
सूखा ही रहा
6) जब हों बंद
ज्ञान चक्षु तब तो
अज्ञानी रहा
अब कुछ भोपाल एनकाउंटर पर...
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7) देश महान
पूजे आतंकवादी
बैठा खिलाये
8) मारा उन्होंने
पुलिस जन भागे
मारे वो गये
9) दुखी विपक्ष
साजिश है दिखती
ढोल मीडिया
10) कब सोंचेंगे
राष्ट्रहित में सब
सोंचता मन
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/4, 13:37] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 04-11-2016 चंद हाइकु दिए गए हाइकु मञ्जूषा अंक 15 के विषय पंचतत्व के "आग" और "मिट्टी या माटी " पर
1)आग मन की
जलाती जिन्दा में ही
बेचैन मन
2)न पाये चैन
और न मिले शान्ति
बैरन प्रीत
3)साजन गये
ले के दिल का चैन
जले बदन
4)पेट की आग
करवाती जतन
शान्त हो भूँख
5)कच्चा घड़ा है
कुमारी है कन्या वो
रखो सँभाल
6)माटी का तन
कच्चा है मन मेरा
बाली उमर
7)तप के होता
माटी का तन भाई
जैसे कँचन
8)दुनियाँ माने
या न माने होती है
काया तो मिट्टी
9)अनेक रूप
और अनेको रँग
पर है मिट्टी
10)निकली जान
शरीर बन जाता
तुरंत मिट्टी
11)गाड़ो जलाओ
चाहे बहाओ तुम
वो तो है मिट्टी
12)मोह करो न
इस काया से तुम
बनेगी मिट्टी
13)नहीं मानते
लालच हैं करते
साथ न जाये
14)चिता जलती
सब कुछ जलता
बचती मिट्टी
15)आग जलाती
केवल तन को ही
आत्मा की छुट्टी
,
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/5, 06:53] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 05-11-2016 चंद हाइकु हाइकु मञ्जूषा अंक 15 के चयनित विषय शरीर के पंचतत्वों में प्रमुख "आग" और "माटी या मिट्टी" पर..
1)खिलौना माटी
आग पे तपकर
हो मज़बूत
2)कोमल काया
मन में हो जो आग
नारी सक्षम
3)दृढ निश्चय
मन की सारी शक्ति
सफल नारी
4)समझते जो
कमज़ोर है नारी
विचारें दुर्गा
5)पूजते काली
लक्ष्मी सरस्वती को
पीटते नारी
6)बलात्कार तो
नारी नहीं समाज
का है चेहरा
7)विरोध नहीं
करता समाज जो
अपराधी वो
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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