[11/6, 19:40] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 06-11-2016 के हाइकु अंक16 के लिये दिए गये विषय पर...
1)बाग़ बग़ीचे
तालाब नदी पंछी
सुन्दर जहाँ
2)पूरब प्राची
मंद समीर बहे
प्रातःकाल में
3)पंक्तिबद्ध हो
पंछी देखो उड़ते
खिले कमल
4)अमराई में
सुनो कोयल कूके
भोर निकला
5)कली शर्माए
भँवरा मंडराए
फूल मुस्काए
6)प्रकृति चित्र
मन को भरमाये
प्रातः भृमण
7)कौन चितेरा
ऐसे चित्र बनाता
मन हर्षाता
8)मन प्रसन्न
तन होता निरोग
प्रातः भृमण
9)सूर्य उगता
भर दिन चलता
अस्त हो संध्या
10) ऋणी धरती
भगवान सूर्य की
जीवन दाता
11)कृतज्ञ हम
पूजते सूर्य देव
छठ मनाते
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/7, 08:04] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 07-11-2016...
हाइकु मञ्जूषा अंक 16 के लिये दिये गये विषय "प्रकृति "पर चंद हाइकु..
1)चाँद सितारे
आसमान चादर
रूप सुन्दर
2)टूटता तारा
स्वर्ग जाती आत्मा वो
कहते लोग
3)माँगते दुवा
पूरी होती चाहत
ऐसा विश्वास
4)चंद्रग्रहण हो
या सूर्यग्रहण चाहे
लोग डरते
5)चाँद है दूल्हा
और तारे बाराती
दुल्हिन रात
6)चाँद है आता
दुल्हिन खिल जाती
तारे भी खुश
(तांका)..पर एक प्रयास
(5-7-5-7-7)..सभी जानकारों की राय जानना चाहूँगा..और सुझाव भी
7) देखो आकाश
अँधेरी रात होती
बड़ी उदास
तारे टिमटिमाते
चाँद नहीं जो पास
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/8, 10:13] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों...
आज 08-11-2016चंद हाइकु ...हाइकु मञ्जूषा के अंक 16 के निर्धारित विषय पर..
1) गुफा विशेष
हिम् शिवलिंग के
होते दर्शन
2) हिमाच्छादित
पर्वतमालाएं हैं
उत्तर दिशा
3)पाँव पखारे
हिन्द महासागर
कन्या कुमारी
4) निशात बाग़
तोहफा जहाँगीर
शान कश्मीर
5)नाथुला दर्रा
खड़ा पूरी शान से
सामने चीन
6)अमृतसर
अमृत का तालाब
गुरु का घर
7)दिल्ली है दिल
राजधानी हमारी
शान देश की
8)सत्ता प्रतीक
राष्ट्रपति भवन
गर्व हमारा
9)गोल भवन
संसद है हमारी
ये गणतंत्र
10)बड़ी मीनार
है कुतुबमीनार
एक अजूबा
11)डल झील तो
है शान ए कश्मीर
विश्व प्रसिद्ध
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/9, 11:57] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 09-11-2016नयी सुबह...काला धन जो नासूर बन कर.. देश को मौत की मंज़िल पर ले जा रहा था..उस पर करारा और प्रभावी वार..
हर देशभक्त और समझदार इस लड़ाई में मोदी सरकार के साथ..
इसी परिपेक्ष्य में आज के चंद हाइकु..
1)प्रभावी वार
वर्तमान सर्कार
काले धन पे
2)भ्रष्टाचार था
चरम सीमा पर
हारा इमान
3)ईमान दोषी
बेईमान था काज़ी
औ शहंशाह
4)न्याय खरीदे
ईमान भेजे जेल
ऐसा था खेल
5)पैसों का ज़ोर
था भारी इमान पे
सच्चाई हारी
6)मँहगी शिक्षा
दो नंबर का खेल
बिंदास जारी
(नोट..क्रमांक7 से 10 तक तांका विधा में..)
7) शिक्षा बिकती
चरित्र हों नीलाम
सिले थे मुँह
अपाहिज व्यक्तित्व
ऐसा देशी माहौल
8)काला था धन
बेशुमार फंडिंग
विदेशी शत्रु
बर्बाद करने को
भारत थी साजिश
9) कल के बोल
थे कमाल धमाल
घोषणा मोदी
ध्वस्त काला धन
स्वागत सब ओर
10) जनता खुश
राहत जनता को
आम आदमी
को है पूरा विश्वास
होगा ज़रूर ख़ास
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/10, 09:06] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज 10-11-2016 बैंक खुल जाएँगे 2लाख 50 हज़ार के पुराने नोट फॉर्म भरकर बिना सवाल जवाब जमा कराये जा सकते हैं
अब आज के चंद हाइकु दिए गए विषय पर..
1)पर्यटन तो
आदत सर्वोत्तम
देखो दुनियाँ
2)सुन्दर देश
अपना है भारत
सैलानी आते
3)घाटी कश्मीर
पर्यटन आश्रित
नज़ारे सुन्दर
4)डल झील में
हाउसबोट घर
देते आराम
5)शिकारे होते
झील में घूमते वे
चल बाज़ार
6)सुबह हसीं
शामें होती रंगीन
ऐसा कश्मीर
7)लहूलुहान
आज मेरा कश्मीर
आतंकवादी
8)कलकत्ता तो
ट्रामों का है शहर
आदमी ताँगा
9)रसगुल्ला औ
चमचम सन्देश
बंगाली मिष्टी
10)इण्डिया गेट
सैनिक स्मारक है
अखण्ड ज्योति
11)लाल किला है
स्मारक शानदार
झण्डा अपना
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/11, 10:41] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
आज11-11-2016 चंद हाइकु दिये गये विषय .."पर्यटन" पर..
(आगरा..मथुरा..लखनऊ..इलाहबाद और वाराणसी शहरों पर..)
1)ताजमहल
अनोखा मक़बरा
निशानी प्यार
2)मक़बरा तो
अकबर महान
का सिकंदरा
3)किला आगरा
प्रसिद्ध जग में
मुग़ल राज
4)बृंदावन तो
यादें श्रीकृष्ण की
यमुना तीरे
5)मथुरावासी
बाँके बिहारी भक्त
पूजें श्रीकृष्ण
6)वध कंस का
बाद यमुना स्नान
विश्राम घाट
7)जन्मस्थली का
शानदार मन्दिर
है दर्शनीय
8)इमामबाड़ा
छत्रमंजिल दोनों
हैं दर्शनीय
9)चिकनकारी
हुनर लखनऊ
प्यारी कढ़ाई
10)इलाहबाद
संगम का शहर
गंगा जमुना
11)पवित्र घाट
शहर वाराणसी के
काशी विश्वनाथ
(क्रमशः)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
[11/11, 19:12] akhileshchandra srivastav: नमस्कार मित्रों
11-11-2016 सायंकाल
दिए गए विषयों पर..
1)बाग़
बाग बगीचे
आओ हम लगायें
फूल खिलायें
बाग़ लगायें
उत्तम फल खायें
मजा उड़ायें
2)सैलानी
सैलानी आते
भारत में घूमते
खुश हो जाते
सैलानी आते
विदेशी पैसा लाते
लाभ देश को
3) वन
वन काटते
बेघर वन्य जीव
आते शहर
वन की रक्षा
पर्यावरण रक्षा
वन्य जीवन
4)पर्वत
पर्वत काटें
बस्ती हैं वो बसाते
प्रकृति रूठी
पर्वत हैं तो
बारिश बरसती
नहीं तो सूखा
5)गुफा
गुफा है अँधी
हाँथ न सूझे हाँथ
जीते वो सन्त
शेर की गुफ़ा
पर्वतों की गोद में
भव्य दिखती
6)श्रृंग
ऊँचे श्रृंग पे
बर्फीली ठंड़ बीच
डटे हैं फौज़ी
श्रृंग से ऊचें
इरादे फौजियों के
बनें अजेय
(समाप्त)
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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