Monday, 1 December 2014

तेरा अभीष्ट प्राप्त होगा

मरना ..जीना महज़ एक संयोग है
हँसना ..रोना .महज़ एक संयोग है
प्रेम ..मोहब्बत भी महज़ एक संयोग है
तुमसे मुखातिब होना भी एक संयोग है

 तुम     इस संयोग को मुक्कदर मानो या किस्मत
इसे भाग्य मानो या luck
तुम्हारा इसमें क्या योगदान है ....?
हाँ ईश्वर बहुत महान है ....!
वो देता है बिना मांगे ...
पूरी करता है सबकी इच्छाएँ ...
तामीर करता है सबके ख्वाब ....
पर कभी सुना है ......
कि God help those...
who helps themselves
अर्थात मुख खोले शेर के मुख में ...
शिकार स्वयं नहीं कूद पड़ता ...
शेर को भी शिकार पाने  हेतु ..
प्रयास रत होना पड़ता है ..
और तुम पाना चाहते हो ...
सबकुछ  कर्म के बिना ...
मुख खोले  शेर के समान ...
ऐसा हिर्गिज़ नहीं होगा ..
तुम्हें प्रयास ही नहीं.....
 भरपूर  प्रयास करना होगा
भागना दौड़ना और  श्रम करना होगा ..
क्योंकि कर्त्तव्य की गरिमा से ही ..
भरे पड़े हैं तमाम धर्म शास्त्र ..
अगर  दुनिया में यदि ..
कुछ पाने की इच्छा है…
तो प्रयास करो ..
प्रयास  करो .......
जी तोड़ मेहनत करो
फिर सभी संयोग भी  संभव  होंगें ..
इश्वेर भी कृपा करेगा ...
और हे मानव तुझे तेरा ..
अभिष्ठ  प्राप्त होगा
 अभिष्ठ  प्राप्त होगा
अभिष्ठ  प्राप्त होगा



(समाप्त )

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