आज 07-05-2017 हाइकु मंजूषा के अंक 42 के लिये चयनित विषयों..छाया..प्रतिछाया बिम्ब.प्रतिबिम्ब..दर्पण..आदि पर चंद हाइकु प्रस्तुत है..
1) झूँठ न बोले
दर्पण सच बोले
है सत्यवादी
2) छाया बनती
झील गहरा पानी
सदा हिलती
3) बेटी तो होती
माँ की ही प्रतिछाया
कहते सब
4) चाँद का अक्स
झील में चमकता
झिलमिलाता
5) बिम्ब मिटता
हस्ती नहीं मिटती
महा पुरुष
(क्रमशः)
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