आज 17-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 39 के लिये चयनित विषयों..गर्मी..ग्रीष्म..तपन..ताप..लू..घामऔर धूप आदि पर आधारित चंद हाइकु..
1)गर्मी की मार
जीना हुवा दुश्वार
बचाना प्रभु
2)ग्रीष्म ऋतु है
खीरा ककड़ी खाते
राहत पाते
3)तपन बढ़ी
शीतल पेय पियो
रहो घर में
4)बेढब ताप
तपती धरा सारी
फैले बीमारी
5)लू का प्रकोप
लोग बीमार होते
पीते ठंडाई
6)प्रखर धूप
जलाती तन मन
बाँध लो साफा
(साफा... सिर में बाँधने से धूप का असर नहीं होता)
(क्रमशः)
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आज 19-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 39 के चयनित विषयों..ग्रीष्म..गर्मी..ताप..तपन..लू..घाम और धूप पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)लाल पलाश
दहकता सूरज
भीषण गर्मी
2) गर्मी जलाती
बर्फ ठंडक देती
जीते ग़रीब
3)ए सी सहारा
बिजली की किल्लत
भुनते लोग
4)ताप बढ़ता
तरबूज ठंडक
देती राहत
5) खड़े घाम में
हल जोतता वोह
बेटी का व्याह
6)कर्ज से लदे
अन्नदाता किसान
झेलते धूप
7)लू है चलती
बीमार होते लोग
दुखी ग़रीब
8)सिर मुडेछा*
पसीने से नहाते
गर्मी सहते
(मुडेछा...सिर में बांधने का कपड़ा जिससे गर्मी से बच सकें)
(क्रमशः)
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आज20-04-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 39 के लिये चयनित विषयो..ग्रीष्म..गर्मी..ताप..तपन..लू..घाम ..और धूप पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) गर्मी सताती
पसीना उलझन
मिले न चैन
2)ठंडा पानी तो
अमृत सा लगता
इस तपन
3)गर्म हवाएँ
बहतीं दिन भर
कहते हैं लू
4)ताप सताता
निकलना मुश्किल
लस्सी वे पीते
5)घाम लगता
खेती काम करते
मजबूरी है
6)धूप किस्मत
अपनी हिम्मत से
डटा किसान
(क्रमशः)
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आज 21-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 39 के चयनितविषयों...ग्रीष्म..गर्मी..ताप.. तपन..लू..घामऔर धूप पर आधारित चंद हाइकु प्रस्तुत हैं...
1)तपन बढ़ी
बेचैन रहे मन
दुखी जीवन
2)धूप चमके
बिटिया का विवाह
खेती के काम
3) निष्ठुर घाम
सोंखे जीवन रस
जाना बाज़ार
4)गर्मी का ज़ोर
शर्बत का है शोर
बुझाओ प्यास
5)घड़े का पानी
लगता सुखदाई
ग्रीष्म की ऋतु
6)बढ़ता ताप
उलझता जीवन
शीतल पेय
(क्रमशः)
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आज 22-04-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 39 के लिये चयनित विषयों ग्रीष्म ..गर्मी..ताप ..तपन..लू..घाम और धूप पर चंद हाइकु..प्रस्तुत हैं..
1) वियोगी तन
मन की ये तपन
जिया न जाये
2) गर्मी कमाल
सबका मुँह लाल
हाल बेहाल
3)चलती है लू
जलाती तन मन
पिया विदेश
4)घाम औ छाया
अमराई कोयल
बिछी है खाट
5)धूप की तेजी
प्यास से बुरा हाल
गर्मी कमाल
6)खेती किसानी
है बडी परेशानी
ग्रीष्म ऋतु में
(क्रमशः)
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