आज12-02-2017हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के लिये चयनित विषय "रूप..तेज..चमक..नज़र..आँख आदि .." पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)रूप सिंगार
रूपसी अभिसार
पिया मिलन
2) सूर्य का तेज
तपता दोपहर
सहा न जाये
3)मध्यम पड़ी
चमक सितारों की
भोर समय
4)बुरी नज़र
ख़ुदा बचाये तुम्हें
माँ है कहती
5)आँख नेमत
दिखाती है दुनियाँ
रखिये स्वस्थ
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों
आज 13-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित विषयों.." रूप ..तेज..चमक आँख..नज़र..आदि पर"....चंद हाइकु..
1) चमकी बिंदी
महावर शर्माया
पिया जो आया
2)नीची नज़रे
कुरेदती जमीन
सामने पिया
3)तेज़ रूपसी
जगमगाये जैसे
चंदा आकाश
4)नज़रे झुकीं
कज़ा हो गयीं मानो
क़सम ख़ुदा
5)आँखों में नूर
इबादत इरादा
खौफ ए ख़ुदा
6)नज़र पैनी
आँखों में है ख़ुमार
कौन शिकार
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 14-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित विषयों...रूप..नज़र ..चमक ..दृष्टि ..नज़र और आँख पर चंद हाइकु...प्रस्तुत हैं..
1)आँख तिरछी
कज़ा बन गईं जो
हुये हलाल
2)तीरे नज़र
औ चाक मिरा सीना
शौक उनका
3)चमकी आँखे
शरारत से भरी
शोख़ी उनकी
4)रूप की धूप
प्यार की ठंडी छाँव
हसीन रातें
5) तेज़ तुम्हारे
मुखड़े पर छाया
संदेसा आया
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों....
आज 15-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित विषय.."रूप
.तेज ..चमक ..दृष्टि ..आँख..नज़र....आदि पर" चंद हाइकु प्रस्तुत है....
1) तीख़ी नज़र
जोरदार आँखें तो
होती गिद्ध की
2)आँखें कमाल
सजीव सुंदरता
रूप उसका
3)प्यारी सुबह
लालिमा की चमक
बढ़िया मूड
4) रूप रूपसी
अभिमान करती
ढल ही जाता
5)चमक जाती
उसकी प्यारी आँखे
देख पिया को
6) ऐसा जीवन
बिना तेज चमक
किस काम का
7) दृष्टि है देन
परमात्मा पिता की
दिखे दुनियाँ
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों...
आज 16-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित
विषयों..."रूप..तेज..चमक..दृष्टि..नज़र और आँख पर ..." चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1) तेरी नज़र
क़ज़ा से कम नहीं
करती क़त्ल
2)आँखों का जादू
सर पे चढ़ बोले
हुआ दीवाना
3) बढ़ी चमक
चेहरा है रोशन
ख्याल यार का
4)रूप सौंदर्य
गज़ब की चमक
मेरी प्रेयसी
5)माँग सिन्दूरी
महावर पाओं में
खड़ी शर्माती
6)घूँघट ओट
चमकता चेहरा
दीखता प्यारा
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..
आज 17-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित विषयों..रूप..तेज..चमक..दृष्टि..नज़र और आँख पर.. चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)रूप का तेज
औ दिखे चमक हों
आँखें प्रेमी की
2)मानो न मानो
नज़र जो लगती
जीना मुश्किल
3)आँखे जो बोलें
राजे ए दिल खोलें
चुगलख़ोर
4)भोली मासूम
दिखें वार गंभीर
करती आँखे
5)चमकीली हैं
आँखे यह तुम्हारी
छुपा है राज़
6)विश्व क्रिकेट
दृष्टि बाधित खेल
जीता भारत
(क्रमशः)
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नमस्कार मित्रों..
आज 18-02-2017 हाइकु मञ्जूषा अंक 30 के चयनित विषयों...रूप..तेज़.. चमक..दृष्टि..नज़र..आँख आदि पर चंद हाइकु प्रस्तुत हैं..
1)रूप शर्माया
दिल भी धड़कता
आते बालम
2) गर्विता नारी
मुखमंडल तेज़
रानी झाँसी की
3)आँखों में आँसू
सीने में है तूफ़ान
साजन जाते
4)दृष्टि ओझल
न कभी होना तुम
मर जायेंगे
5) उनको देख
जो चमका चेहरा
खुशियाँ लौटीं
6)रूप बावरा
यद्यपि है सांवरा
गज़ब गोरी
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हाइकु श्रृंखला अंक 30 समाप्त..
अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव
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