Tuesday, 30 September 2014

"आलू के पराठे"...ब्लॉग का परिचय

कल ही   अपना नया  ब्लॉग प्रारंभ
किया है    नाम है  "आलू के पराठे"
इस    नाम के पीछे   सबसे पहिला
और   महत्वपूर्ण कारण    है कि ये
मुझे   करोंड़ों लोगों की  तरह बहुत
पसंद है बहुत   कम मुल्य   में बड़ी
मात्रा    में   तय्यार    होते  हैं  कोई
नखरा     नहीं    चाहे सादा   खाओ तमाटोसास से खाओ किसी चटनी से खाओ    सब    तरह से   अच्छा लगताहै चाहे इसे सादा नमक डाल कर  बनाओ चाहे    तरह   तरह के मसाले डाल    कर    इसे तीखा  व् अपने स्वादके   अनुसार   बनाओ पराठे जी कोकोई एतराज़ या गुरेज नहीं ये अपनेअन्यभाइयों मूली का पराठा    गोभी का  पराठा मेथी का पराठा आदि आदितथा बहनों आलू की कचोरी   उर्द की कचोरी चने की दाल की    कचोरी  सहित ये जनाब सब जगह छायेऔर पसंद किये जा रहे हैं
अब सवाल   है कि  ब्लाग का नाम
आलू के पराठे ही   क्यों  क्योकि ये सीधा है सरल है   हर की   पहुँच में
भी है उनकी  पसंद    भी    मेरे इस ब्लाग में आपको  ऐसी ही स्वादिष्ट
सरल मजेदार   और गंभीर सन्देश
देने   वाली    सामग्री   मिलेगी जो राष्ट्रभक्ति  समाज सेवा  सामाजिक न्याय  और उनके प्रति कर्तव्य माँ बापभाई बहन    परिवार   के प्रति अपने   कर्तव्य सभी कुछ ऐसा जो सर्वजनहिताय     सर्व जन सुखाय होगा हाँराष्ट्र प्रेम भाषा प्रेम से कोई समझौता नहीं होगा पाहिले प्रयास
में अपनी   मौलिक अप्रकाशित दो
कवितायेँ   "जिम्मेदार बनो"  तथा
"मृत्यु क्यों" डाली है आपसे प्रार्थना
हैं इन्हें पढ़े और अपनी राय देने का
कष्ट करे   जिससे मुझे    ब्लॉग को
ज्यादा प्रभावी   बनाने में सहायता
मिले
निवेदक
अखिलेश चन्द्र श्रीवास्तव

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